धमतरी में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति बैठक में बैंकिंग, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
धमतरी। कलेक्टर की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (District Level Consultative Committee – DLCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिले के आर्थिक विकास में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाया जाए तथा ऋण प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न किया जाए।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा जिले में बैंकों की उपलब्धियों, वार्षिक ऋण योजना, जमा-ऋण अनुपात तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत ऋणों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
ऋण वितरण और वित्तीय समावेशन पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को ऋण तथा पीएमएफएमई जैसी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन एवं लघु उद्योग से जुड़े हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे जिले में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
बैठक में विभिन्न बैंकों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के आधार पर लंबित ऋण आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैंक शाखाएं निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें और हितग्राहियों को अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि पात्र आवेदकों के आवेदन निरस्त करने से पूर्व कारणों की स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाए।
कृषि एवं स्व-सहायता समूहों को मिलेगा प्रोत्साहन
कलेक्टर ने कहा कि जिले में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल ऋण और कृषि यंत्रीकरण से संबंधित योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इसके साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता पर चर्चा
बैठक में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, यूपीआई, ऑनलाइन लेन-देन तथा साइबर सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन कर लोगों को डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार के बारे में जानकारी देना बैंकों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
समन्वय से होगा जिले का विकास
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन, बैंक और विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से ही जिले में समग्र आर्थिक विकास संभव है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि आगामी तिमाही में निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने के लिए संयुक्त प्रयास करें।
बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


अपनी प्रतिक्रिया दें Cancel reply