महादेव सट्टा एप घोटाले में आरोपी शेयर ब्रोकर गोविंद केडिया की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज की, प्रमोटरों में से एक बताया गया।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप घोटाले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस मामले में आरोपी बनाए गए शेयर ब्रोकर गोविंद केडिया की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। गोविंद पर आरोप है कि वह न केवल इस एप से आर्थिक रूप से जुड़ा रहा, बल्कि उसे प्रमोट करने वालों में भी शामिल था।
ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा की जा रही इस पूरे घोटाले की जांच के दौरान सामने आया कि केडिया ने न केवल फर्जी कंपनियों के ज़रिए धनशोधन किया, बल्कि शेयर बाजार के माध्यम से भी अवैध लेन-देन को अंजाम दिया।
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क्या है महादेव सट्टा एप मामला
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म था, जो ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहा था। इसमें लोगों को क्रिकेट, कैसीनो, रमी, पोकर जैसे खेलों पर पैसा लगाने का मौका दिया जाता था। लाखों यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
इस एप को चलाने के लिए डमी कंपनियों, हवाला नेटवर्क, बिटकॉइन ट्रांजैक्शन और फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा था।
गोविंद केडिया की भूमिका
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, गोविंद केडिया एक शेयर ब्रोकर है, जिसकी कंपनियों के माध्यम से सट्टा एप के पैसे को सफेद धन में बदला गया।
जांच में यह भी सामने आया कि वह इस एप को प्रमोट करने वालों में से एक था। वह आर्थिक लेन-देन की कड़ी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
कई फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं। केडिया के खातों में कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए हैं, जिन्हें वह सही ढंग से स्पष्ट नहीं कर सका।
कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?
विशेष ईडी कोर्ट ने कहा कि गोविंद केडिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त साक्ष्य हैं। आरोपी का रोल सिर्फ सहायक का नहीं, बल्कि मुख्य नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
अदालत ने यह भी माना कि आरोपी जमानत पर छूटने के बाद जांच को प्रभावित कर सकता है या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है।
इसलिए अदालत ने याचिका को गंभीरता से खारिज कर दिया।
ईडी की अब तक की कार्रवाई
- 200+ करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त
- दुबई और श्रीलंका से जुड़े कई लिंक उजागर
- अब तक 15 से अधिक गिरफ्तारी
- हवाला नेटवर्क और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की जांच जारी
- केस से जुड़े कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों के नाम चर्चा में
राजनीतिक हलचल
इस घोटाले में कई राजनीतिक नामों की संलिप्तता की भी चर्चा जोरों पर है। हालांकि अभी तक किसी भी राजनेता को आधिकारिक तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया है।
गोविंद केडिया के पास से जो दस्तावेज जब्त हुए हैं, उनमें कई बड़े लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ में इस केस को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि यदि कानून सख्ती से कार्रवाई करे, तो इस तरह के ऑनलाइन सट्टा एप्स पर रोक लगाई जा सकती है।
ईडी आगे क्या करेगी
अब ईडी की कोशिश है कि गोविंद केडिया से पूछताछ कर विदेशी नेटवर्क, हवाला डीलर और एप प्रमोटरों के लिंक को उजागर किया जाए। इसके लिए कुछ अफसरों की टीम दुबई और अन्य देशों से जुड़ी फाइलों पर काम कर रही है।
