छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने 59 नए आरोपी जोड़े, दावा है 81 लोगों ने 2800 करोड़ रुपये का संगठित घोटाला किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा करते हुए 59 नए आरोपियों को जांच के दायरे में शामिल किया है। ईडी का दावा है कि इस पूरे घोटाले में अब तक कुल 81 लोग शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने संगठित तरीके से करीब 2800 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन किया। यह घोटाला राज्य में शराब के निर्माण, परिवहन, वितरण और बिक्री की पूरी श्रृंखला से जुड़ा बताया जा रहा है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी शराब नीति का दुरुपयोग करते हुए फर्जी कंपनियों, बेनामी खातों और अवैध कमीशन नेटवर्क के जरिए भारी मात्रा में काला धन अर्जित किया। एजेंसी के अनुसार, शराब सप्लाई से जुड़े टेंडरों में हेरफेर कर कुछ चुनिंदा सिंडिकेट को लाभ पहुंचाया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, नए आरोपियों में शराब कारोबारी, ट्रांसपोर्टर, सप्लायर, सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ अधिकारी और कथित बिचौलिये शामिल हैं। ईडी ने दावा किया है कि इन सभी की भूमिका मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वसूली में सामने आई है। जांच के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेन-देन, संपत्ति दस्तावेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
ईडी पहले ही इस मामले में करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। अब नए आरोपियों के जुड़ने से जांच और तेज हो गई है। एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा कुछ बड़े नामों पर भी शिकंजा कस सकता है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस खुलासे के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह मामला अभी प्रारंभिक जांच के अगले चरण में है और घोटाले की रकम 2800 करोड़ से भी अधिक हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जिससे इस बहुचर्चित शराब घोटाले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
