बालोद में कुएं में गिरा तेंदुआ 8 घंटे पाइप पकड़कर लटका रहा, वन विभाग ने साढ़े चार घंटे में सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रायपुर/बालोद। रायपुर और बालोद में उस समय सनसनी फैल गई जब एक तेंदुआ गहरे कुएं में गिर गया और करीब 8 घंटे तक पाइप को दांतों से पकड़कर जिंदगी बचाने की कोशिश करता रहा। इस रोमांचक और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने में वन विभाग की टीम को लगभग साढ़े चार घंटे का समय लगा।
कुएं में गिरा तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, तेंदुआ जंगल से भटककर गांव के पास पहुंच गया था। इसी दौरान वह एक खुले कुएं में गिर गया। कुएं में पानी कम था, लेकिन बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। अपनी जान बचाने के लिए तेंदुए ने कुएं के अंदर मौजूद पाइप को दांतों से पकड़ लिया और घंटों उसी सहारे लटका रहा।
ग्रामीणों में मची दहशत
सुबह जब ग्रामीणों ने कुएं से आवाजें सुनीं, तो उन्होंने अंदर झांककर देखा। तेंदुए को कुएं में फंसा देखकर इलाके में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन बना चुनौती
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। तेंदुआ डरा हुआ और थका हुआ था, जिससे ऑपरेशन बेहद जोखिमभरा हो गया। टीम ने पहले कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि कोई हादसा न हो।
4:30 घंटे चला रेस्क्यू
तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पिंजरा और जाल का इस्तेमाल किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार टीम तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। रेस्क्यू के दौरान वनकर्मियों ने बेहद सतर्कता बरती।
सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया
रेस्क्यू के बाद तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि वह थका जरूर था, लेकिन गंभीर रूप से घायल नहीं था। बाद में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
लोगों ने सराहा वन विभाग का प्रयास
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि समय पर रेस्क्यू नहीं किया जाता, तो तेंदुए की जान जा सकती थी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के कम होने और आबादी बढ़ने के कारण वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
सतर्कता की जरूरत
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि खुले कुओं को सुरक्षित ढंग से ढकें और वन्यजीव दिखने पर घबराने के बजाय तुरंत अधिकारियों को सूचना दें।
निष्कर्ष
बालोद में कुएं में फंसे तेंदुए का यह रेस्क्यू ऑपरेशन साहस, धैर्य और टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण बन गया। घटना ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा को लेकर नई चर्चा भी शुरू कर दी है।
