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खरोरा में महिला समूहों की अगुवाई

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 23 March 2026

खरोरा में महिला समूहों के नशामुक्ति अभियान से अवैध शराब पर रोक लगी, समाज में जागरूकता बढ़ी और मातृशक्ति की भूमिका मजबूत होकर सामने आई।

खरोरा। छत्तीसगढ़ के नगर पंचायत खरोरा में महिलाओं ने सामाजिक बदलाव की एक सशक्त मिसाल पेश करते हुए ‘नशामुक्ति अभियान’ की कमान अपने हाथों में संभाल ली है। इस पहल ने न केवल अवैध शराब के कारोबार पर असर डाला है, बल्कि पूरे क्षेत्र में जागरूकता और सामाजिक चेतना का नया माहौल भी तैयार किया है।

खरोरा के विभिन्न वार्डों में गठित महिला समूहों ने संगठित होकर नशे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन समूहों की सक्रियता के चलते अवैध शराब की बिक्री और सार्वजनिक स्थलों पर मद्यपान करने वालों में कमी देखने को मिल रही है। महिलाओं की इस पहल ने प्रशासन को भी सजग किया है।

मातृशक्ति की जागरूकता से बदली तस्वीर

इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत स्थानीय महिलाओं की एकजुटता और दृढ़ संकल्प है। बिना किसी भय के महिलाएं नशे के खिलाफ आवाज उठा रही हैं और अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा रही हैं। इसका असर यह हुआ है कि कई स्थानों पर अवैध शराब का कारोबार ठप हो गया है।

विधायक अनुज शर्मा ने किया सम्मान

अभियान की सफलता और महिलाओं के साहस को देखते हुए अनुज शर्मा ने महिला समूहों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशा मुक्त समाज ही समृद्ध प्रदेश की नींव है।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों और संकल्प के साथ आगे आती हैं, तो समाज में बड़ा बदलाव संभव होता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को आज महिला समूहों की सक्रियता के कारण जमीन पर उतरते देखा जा रहा है।

सामाजिक चेतना का प्रतीक बना अभियान

विधायक ने कहा कि यह अभियान केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि समाज की जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा कि एक महिला के जागरूक होने से पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियां प्रभावित होती हैं।

प्रशासन का मिलेगा सहयोग

विधायक ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस अभियान में पूरी तरह से सहयोग करेगा और महिलाओं की हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने महिलाओं से एकजुट रहकर इस मुहिम को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

‘नशा मुक्त समाज – समृद्ध प्रदेश’ का संकल्प

कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने ‘नशा मुक्त समाज – समृद्ध प्रदेश’ के संकल्प को दोहराया। महिलाओं ने यह भी संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगी, बल्कि अपने क्षेत्र में भी नशे के व्यापार को पनपने नहीं देंगी।

समाज में सकारात्मक बदलाव

खरोरा में शुरू हुआ यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि महिलाओं की इस पहल से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, खरोरा की महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा नशामुक्ति अभियान समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है। यह दिखाता है कि जब मातृशक्ति जागरूक होती है, तो सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

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