छत्तीसगढ़ में जनवरी से ई-केवाईसी और सत्यापन न कराने वाले लाखों राशनकार्ड धारकों को नहीं मिलेगा राशन, खाद्य विभाग की सख्ती से बढ़ी चिंता।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राशनकार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। जनवरी महीने से प्रदेश के लाखों परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला राशन बंद हो सकता है। खाद्य विभाग की ओर से की जा रही सख्ती और सत्यापन प्रक्रिया के चलते यह स्थिति बनने जा रही है। सरकार का कहना है कि यह कदम अपात्र हितग्राहियों को सूची से बाहर करने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है।
ई-केवाईसी नहीं कराने वालों पर गिरेगी गाज
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन राशनकार्ड धारकों ने अभी तक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, उनके नाम जनवरी से अस्थायी रूप से राशन सूची से हटाए जा सकते हैं। प्रदेशभर में अब भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिन्होंने तय समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराया है।
अपात्र कार्डधारकों की पहचान
सरकार द्वारा चलाए गए सर्वे और डेटा मिलान में यह भी सामने आया है कि कई परिवार आय मानकों से ऊपर होने के बावजूद सस्ते राशन का लाभ ले रहे हैं। ऐसे APL, BPL और अंत्योदय कार्डों की दोबारा जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही अपात्र कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
खाद्य विभाग की दलील
खाद्य विभाग का कहना है कि यह फैसला गरीबों का हक छीनने के लिए नहीं, बल्कि फर्जी और डुप्लीकेट कार्डधारकों को बाहर करने के लिए लिया गया है। इससे सरकारी अनाज की बर्बादी रुकेगी और वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को पूरा लाभ मिल सकेगा।
जनता में चिंता और असमंजस
इस फैसले के बाद बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में राशनकार्ड धारकों के बीच चिंता का माहौल है। कई गरीब और मजदूर वर्ग के लोग यह आशंका जता रहे हैं कि तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में उनका राशन बंद न हो जाए।
अब क्या करें राशनकार्ड धारक
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान, CSC सेंटर या खाद्य विभाग कार्यालय में संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि जनवरी से राशन मिलने में कोई बाधा न आए।





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