कौशल तिहार 2025 में ढाई हजार युवाओं ने भाग लिया, 288 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित, सीएम साय ने दी शुभकामनाएं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित कौशल तिहार 2025 राज्य में युवाओं के लिए एक नई ऊर्जा और अवसरों का पर्व बनकर सामने आया। आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पुनः आयोजित इस कौशल प्रतियोगिता में प्रदेशभर से ढाई हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया और अपनी व्यावसायिक एवं तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानना, उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना और रोजगार के नए द्वार खोलना था।
288 प्रतिभागियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन
कौशल तिहार के अंतर्गत हुई ज़िला स्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद कुल 288 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के लिए किया गया है। ये प्रतिभागी अब न केवल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि उन्हें उन्नत प्रशिक्षण और गाइडेंस भी दिया जाएगा, ताकि वे देश के मंच पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
इन चयनित युवाओं में आईटी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिशियन, टेलरिंग, फूड प्रोसेसिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और मेसनरी जैसे विभिन्न ट्रेड्स से जुड़े युवा शामिल हैं।
सीएम साय ने विजेताओं को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी और कहा,
“कौशल तिहार केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। हमें गर्व है कि हमारे युवा तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को उसके कौशल के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए और उसका समुचित उपयोग हो सके।
8 वर्षों बाद लौटा अवसर, युवाओं में दिखा उत्साह
पिछली बार यह आयोजन वर्ष 2017 में हुआ था। इसके बाद विभिन्न कारणों से प्रतियोगिता रुकी रही, लेकिन 2025 में इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में दोबारा शुरू किया गया। लंबे समय बाद मंच मिलने से युवाओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।
कई प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें पहली बार अपने कौशल को मंच पर दिखाने का अवसर मिला। प्रतियोगिता के दौरान कई ट्रेड्स में प्रैक्टिकल परीक्षाएं, मौखिक परीक्षण और प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन हुआ।
कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम
कौशल तिहार 2025 राज्य सरकार के छत्तीसगढ़ कौशल विकास मिशन के तहत आयोजित किया गया, जो राज्य में स्किल-बेस्ड शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है।
मिशन के अधिकारियों के अनुसार, यह आयोजन न केवल प्रतिभा की पहचान का मंच है, बल्कि यह रोजगार और स्टार्टअप के लिए नई संभावनाएं खोलता है। चयनित प्रतिभागियों को ट्रेनिंग, स्कॉलरशिप और रोजगार मेलों से जोड़ा जाएगा।
जिला स्तर पर हुआ व्यापक आयोजन
प्रतियोगिता का प्रारंभिक चरण जिला स्तर पर आयोजित किया गया, जहां आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कौशल केंद्र और निजी संस्थानों से हजारों छात्रों ने भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में स्थानीय उद्योगों और एक्सपर्ट्स की भी भागीदारी रही, जिन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी शिक्षा और कौशल अब केवल शहरी युवाओं तक सीमित नहीं रह गया है।
महिला प्रतिभागियों की उल्लेखनीय भागीदारी
कौशल तिहार 2025 में महिला प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। सिलाई, फूड प्रॉसेसिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे ट्रेड्स में महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन किया। आयोजकों के अनुसार महिला प्रतिभागियों का प्रतिशत इस बार करीब 35% रहा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह संकेत है कि कौशल प्रशिक्षण से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और वे भी प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं हैं।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू
चयनित 288 प्रतिभागियों को अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम उन्हें टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ इंटरव्यू स्किल्स, कम्युनिकेशन और टीमवर्क जैसे क्षेत्र में भी मार्गदर्शन देगी।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर भेजा जाएगा, जहां वे India Skills या World Skills जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे।
निष्कर्ष
कौशल तिहार 2025 न केवल युवाओं की प्रतिभा को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के कौशल विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। मुख्यमंत्री साय और सरकार की पहल से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश अब रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण पर केंद्रित भविष्य की ओर अग्रसर है।
