धार्मिक वेश में पॉकेटमारी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, सैलरी पर करते थे वारदात, रायपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार, देशभर में फैला नेटवर्क।
रायपुर। देशभर के बाजारों में घूम-घूमकर भीड़भाड़ का फायदा उठाकर जेबतराशी करने वाले पॉकेटमार गैंग को रायपुर पुलिस ने धरदबोचा है। यह गैंग खास तौर पर त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान सक्रिय होता था और खुद को कांवड़िया बनाकर लोगों के बीच घुल-मिल जाता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गैंग के सदस्य ‘सैलरी’ पर काम करते थे – यानी एक तय रकम के बदले, देश के अलग-अलग शहरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
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कैसे हुआ खुलासा?
हाल ही में रायपुर के बाजारों में लगातार हो रही जेबकट घटनाओं को लेकर पुलिस अलर्ट हुई थी। शिकायतों की जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। खास बात यह थी कि यह गैंग अलग-अलग जगहों पर एक ही तरह की रणनीति अपनाता था – भीड़ में घुसकर, धक्का-मुक्की में लोगों की जेब साफ कर देते थे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांवड़ यात्रा के भेष में घूम रहे पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था।
देशभर में फैला नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ये पॉकेटमार उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आते हैं और इनका नेटवर्क पूरे देश में फैला है। हर महीने इन्हें एक तय रकम मिलती है और वे खास आयोजनों में भेजे जाते हैं। वे धार्मिक वेशभूषा अपनाते हैं ताकि किसी को शक न हो।
ये पॉकेटमार मेलों, यात्राओं, त्योहारों और बाजारों में सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। इनकी टीम में हर सदस्य की भूमिका तय होती है – कोई टारगेट को चिन्हित करता है, कोई भीड़ में घुसकर जेब काटता है, और कोई अन्य सदस्य सामान लेकर तेजी से निकल जाता है।
गैंग में तकनीक की भी एंट्री
अब ये गैंग तकनीकी रूप से भी अपडेट हो चुका है। मोबाइल, डिजिटल पेमेंट और लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए ये लोग सस्ते और बिना ट्रेस वाले फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही, चोरी किए गए सामान को तुरंत दूसरे स्थान पर भेज देते हैं जिससे पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे।
पुलिस की रणनीति और कार्रवाई
रायपुर पुलिस की टीम ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष योजना बनाई थी। धार्मिक आयोजनों की आड़ में आए लोगों पर नजर रखते हुए पुलिस ने सिविल ड्रेस में जवानों को तैनात किया, जिससे इनकी हरकतें पकड़ी जा सकीं। पकड़े गए पांचों अपराधियों के पास से 20 मोबाइल फोन, नकदी, और चुराई गई चेन और पर्स बरामद किए गए हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस पूरे गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी में है। इन पांचों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य शहरों में भी संपर्क किए गए हैं। रायपुर एसएसपी ने बताया कि जल्द ही इस नेटवर्क के सरगना तक पहुंचा जाएगा और ऐसे सभी गैंग को पकड़कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें और अपने कीमती सामान की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें। किसी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
