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CRPF 22वीं बटालियन में जवान ने की आत्महत्या

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 30 July 2025


छत्तीसगढ़ में CRPF जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, कैंप में मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस और विभागीय टीम।

छत्तीसगढ़।सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन में तैनात एक जवान ने ड्यूटी के दौरान अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे कैंप में हड़कंप मच गया है। जवान की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना के बाद पुलिस और CRPF की आंतरिक जांच एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

घटना की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जवान ने आत्महत्या क्यों की, इसकी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती जांच में मानसिक तनाव की आशंका जताई जा रही है।

क्या हुआ था घटनास्थल पर?

जानकारी के अनुसार, यह घटना छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग स्थित एक CRPF कैंप की है। 22वीं बटालियन में तैनात यह जवान सामान्य ड्यूटी पर था। सुबह के समय अचानक गोली चलने की आवाज आई, जिससे कैंप में तैनात अन्य जवान मौके पर दौड़े। उन्होंने देखा कि संबंधित जवान खून से लथपथ पड़ा हुआ था और उसके पास सर्विस राइफल थी।

फौरन मेडिकल टीम को बुलाया गया और जवान को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है।

पुलिस और CRPF की संयुक्त जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और CRPF की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। मृतक जवान के मोबाइल फोन, ड्यूटी रजिस्टर और हाल के दिनों में हुई गतिविधियों की जांच की जा रही है। साथ ही, उसके साथियों और अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया, “फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है और हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। अभी आत्महत्या की मुख्य वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।”

परिवार को दी गई सूचना

CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों ने जवान के परिजनों को सूचित कर दिया है और उन्हें छत्तीसगढ़ बुलाया जा रहा है। विभागीय स्तर पर मृतक जवान के परिवार को नियमानुसार सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल

CRPF में लगातार आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव, कार्यस्थल की कठिनाइयां, परिवार से दूरी और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी इसके पीछे की प्रमुख वजहें हो सकती हैं।

एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक के अनुसार, “ऐसी घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि जवानों को न केवल शारीरिक प्रशिक्षण, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सहयोग की भी उतनी ही जरूरत है।”

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब किसी अर्धसैनिक बल के जवान ने आत्महत्या की हो। पिछले कुछ वर्षों में BSF, CISF और CRPF जैसी सेनाओं में आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

गृह मंत्रालय समय-समय पर जवानों के लिए तनाव प्रबंधन कार्यक्रम, काउंसलिंग और छुट्टी प्रणाली को बेहतर बनाने के निर्देश देता रहा है। लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर कितना हो रहा है, यह एक बड़ा सवाल है।

बल का आधिकारिक बयान

CRPF की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हम इस घटना से बेहद दुखी हैं। जवान का योगदान सराहनीय था। विभागीय जांच के बाद ही हम कोई स्पष्ट विवरण साझा कर सकेंगे। इस दुखद समय में हम उनके परिवार के साथ खड़े हैं।”

निष्कर्ष नहीं – पर बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर सुरक्षा बलों के बीच मानसिक तनाव और उसकी उपेक्षा को उजागर करती है। जवानों की सुरक्षा केवल सीमा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी आंतरिक स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को इस दिशा में और मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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