CGMSC ने आयरन-फोलिक एसिड दवाएं अस्पतालों से वापस मंगाईं, रंग बदलने और टैबलेट टूटने की शिकायत, रायपुर और बलौदाबाजार में हुआ था वितरण
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने आयरन-फोलिक एसिड की दवाओं को लेकर गंभीर शिकायतों के बाद बड़ा कदम उठाया है। दवाओं का रंग बदलने और टैबलेट टूटने की शिकायत मिलने पर इन्हें अस्पतालों से वापस मंगाने का निर्देश जारी किया गया है।
बताया जा रहा है कि ये दवाएं रायपुर और बलौदाबाजार के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में वितरित की गई थीं।
दवाओं में गुणवत्ता पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार:
- दवा का रंग बदल रहा था
- टैबलेट आसानी से टूट रही थीं
- गुणवत्ता में कमी की आशंका
इन शिकायतों के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। 💊
अस्पतालों से वापसी के निर्देश
CGMSC ने संबंधित अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि:
- सभी संदिग्ध दवाएं तुरंत वापस करें
- स्टॉक की जांच करें
- वितरण पर रोक लगाएं
प्रभावित जिले
इन दवाओं का वितरण मुख्य रूप से:
- रायपुर
- बलौदाबाजार
के अस्पतालों में किया गया था।
जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए दवाओं की गुणवत्ता की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
जांच में देखा जाएगा:
- निर्माण प्रक्रिया
- स्टोरेज की स्थिति
- सप्लाई चेन
मरीजों की सुरक्षा प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वैकल्पिक व्यवस्था
दवाओं की वापसी के साथ ही अस्पतालों में वैकल्पिक दवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी गंभीर परिणाम दे सकती है, इसलिए समय पर कार्रवाई जरूरी है।
भविष्य में सख्ती
इस घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया को और सख्त करने की संभावना है।
निष्कर्ष
आयरन-फोलिक एसिड दवाओं में आई गड़बड़ी के बाद CGMSC द्वारा उन्हें वापस मंगाने का निर्णय मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था में गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
