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छत्तीसगढ़ में बारिश से हादसा, मकान गिरा, बच्ची मृत.

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 26 July 2025

बलरामपुर में भारी बारिश के कारण कच्चा मकान ढहा, मलबे में दबकर मासूम की मौत, छह लोग सुरक्षित निकाले गए। प्रशासन ने आर्थिक मदद दी।

छत्तीसगढ़ में जारी भारी बारिश ने एक और मासूम की जान ले ली। कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढह गया, जिसमें एक मासूम बच्ची की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के समय घर में कुल सात लोग मौजूद थे, जिनमें से छह को स्थानीय लोगों और बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों की कमजोर बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसा कैसे हुआ?

घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है, जब अधिकतर लोग गहरी नींद में थे। कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले एक गांव में यह कच्चा मकान पिछले कई वर्षों से जर्जर अवस्था में था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे नया मकान बनवा सकें।

लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने मकान की दीवारें कमजोर कर दी थीं। अचानक मकान की एक दीवार और छत भरभराकर गिर पड़ी, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया।

स्थानीय लोगों की तत्परता

हादसे की आवाज सुनते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। कुछ ही देर में बचाव दल पहुंचा और जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 6 साल की नन्ही बच्ची जीवित नहीं बच सकी। मौके पर ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना के बाद प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन, और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने तत्काल प्रारंभिक सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए। मृत बच्ची के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

इसके अलावा, प्रशासन ने गांव के अन्य कमजोर मकानों का सर्वेक्षण करने के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

ग्रामीणों में आक्रोश और भय

इस हादसे के बाद गांव में डर और ग़ुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय प्रशासन द्वारा पहले से कोई चेतावनी नहीं दी जाती, और कच्चे मकानों की कोई जांच नहीं होती। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे कई बार मकान के हालात की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी वर्षा की चेतावनी दी है। प्रशासन को कमजोर मकानों में रहने वाले लोगों को अस्थाई राहत शिविरों में भेजने की सलाह दी गई है।

जरूरत है दीर्घकालिक समाधान की

हर साल बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों की संख्या बहुत अधिक है, जो बरसात में प्राकृतिक आपदाओं के आगे टिक नहीं पाते। यह घटना न केवल प्रशासन की सतर्कता की कमी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सरकारी योजनाएं ज़मीन पर कितनी प्रभावी हैं

सरकार से उम्मीदें

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिक से अधिक जरूरतमंदों को पक्के मकान दिए जाएं।
  • आपदा राहत कोष से तुरंत और पारदर्शी सहायता दी जाए।
  • बारिश के मौसम में रियल-टाइम निगरानी और चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जाए।

निष्कर्ष (संक्षेप में)

इस हृदयविदारक घटना में एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन अब सिर्फ राहत नहीं, बल्कि ठोस नीति के साथ आगे आए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

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