रविवार, 13 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

घायल युवक को नहीं मिली स्टार्ट एंबुलेंस समय पर

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 4 August 2025

रायपुर में बाइक से गिरे युवक को एक घंटे बाद आई एंबुलेंस भी स्टार्ट नहीं हुई, लोगों ने प्राइवेट वाहन से पहुंचाया अस्पताल।

रायपुर।शहर के बाहरी इलाके में हुई एक सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति को उजागर कर दिया। शुक्रवार शाम एक युवक बाइक फिसलने से गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन मौके पर बुलाए जाने के एक घंटे बाद पहुंची 108 एंबुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई, जिससे घायल युवक को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इस लापरवाही से मौके पर मौजूद लोग भड़क उठे और एंबुलेंस सेवा की आलोचना की।

Read it loud

https://dabangsuchna.com/wp-content/uploads/2025/08/raipur-hadsha4.8.25.aac

कैसे हुआ हादस

यह घटना रायपुर के धरसींवा इलाके की है, जहां युवक मनोज साहू (उम्र 28) अपनी बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में अचानक बाइक फिसल गई और वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। राहगीरों ने तुरंत 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाया।

घंटेभर बाद पहुंची एंबुलेंस, लेकिन नहीं हुई स्टार्

करीब 1 घंटे बाद जब एंबुलेंस मौके पर पहुंची तो उसमें तकनीकी खराबी थी। ड्राइवर और मेडिकल स्टाफ ने गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन गाड़ी चालू नहीं हो सकी। इस दौरान युवक गंभीर हालत में सड़क किनारे तड़पता रहा। गुस्साए लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और स्वास्थ्य विभाग से सवाल किए।

स्थानीय लोगों ने प्राइवेट वाहन से पहुंचाया अस्पताल

एंबुलेंस के काम न आने पर स्थानीय लोगों ने ही पास से एक ऑटो को रोका और घायल मनोज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक यदि और देर होती तो युवक की हालत और बिगड़ सकती थी।

स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि एंबुलेंस में तकनीकी खराबी थी, जिसकी जानकारी पहले से नहीं थी। संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है और पूरे मामले की जांच की जाएगी।

लोगों में नाराज़गी

घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब आपातकालीन सेवाएं ही भरोसेमंद नहीं हैं तो आम जनता किस पर भरोसा करे? 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही से पहले भी कई बार समस्याएं सामने आ चुकी हैं।

पिछले मामलों की पुनरावृत्ति

यह कोई पहली घटना नहीं है जब 108 एंबुलेंस सेवा पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी कई बार समय पर न पहुंचने या खराब एंबुलेंस की वजह से मरीजों को भारी नुकसान हुआ है।

प्रशासन से उठे सवाल

इस घटना ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में जहां रोज़ाना सैकड़ों 108 कॉल किए जाते हैं, वहां अगर एंबुलेंस इस हालत में है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

क्या होना चाहिए समाधान?

  • एंबुलेंस की नियमित मेंटेनेंस: समय-समय पर तकनीकी जांच होनी चाहिए।
  • रिजर्व एंबुलेंस स्टैंडबाय में रखी जाए।
  • रूटीन ट्रेनिंग: मेडिकल स्टाफ और ड्राइवरों को आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाए।
  • जवाबदेही तय हो: निजी कंपनियों को ठेका देने के साथ सख्त निगरानी की जाए।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version