सोमवार, 14 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

रायपुर में डिस्टिलरी प्रदूषण से बढ़ता खतरा

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 4 May 2026

रायपुर के पास डिस्टिलरी से जहरीला धुआं और गंदा पानी फैल रहा, जंगल और जल स्रोत प्रभावित, लोगों के स्वास्थ्य और खेती पर संकट गहराया।

रायपुर। रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित डिस्टिलरी (शराब फैक्ट्री) अब गंभीर पर्यावरणीय संकट का कारण बनती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं हवा को प्रदूषित कर रहा है, जबकि बिना ट्रीटमेंट के छोड़ा जा रहा गंदा पानी जंगलों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंचा रहा है।

जहरीले धुएं से बिगड़ती हवा

ग्रामीणों के अनुसार, फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं इतना जहरीला है कि सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। कई लोगों ने आंखों में जलन, खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याओं की शिकायत की है। खासकर सुबह और रात के समय धुएं का असर ज्यादा महसूस होता है।

जंगलों में छोड़ा जा रहा दूषित पानी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि डिस्टिलरी से निकलने वाला गंदा और रासायनिक युक्त पानी सीधे जंगलों में छोड़ा जा रहा है। इससे पेड़-पौधे सूखने लगे हैं और जमीन की उर्वरता पर भी असर पड़ रहा है। कई जगहों पर पानी के स्रोत भी दूषित हो चुके हैं, जिससे पशु-पक्षियों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

किसानों की फसल पर असर

प्रदूषण का असर खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। किसानों का कहना है कि दूषित पानी के कारण खेतों की मिट्टी खराब हो रही है और उत्पादन में गिरावट आ रही है। कुछ इलाकों में फसल पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति में है।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। फैक्ट्री प्रबंधन नियमों का पालन नहीं कर रहा, लेकिन जांच और निगरानी की प्रक्रिया कमजोर बनी हुई है।

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इस तरह के प्रदूषण के संपर्क में रहने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। सांस से जुड़ी बीमारियां, त्वचा रोग और जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष

फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि वे सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन कर रहे हैं और गंदे पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही छोड़ा जाता है। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।

पर्यावरण संरक्षण की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या का समाधान सख्त निगरानी और पर्यावरणीय नियमों के पालन से ही संभव है। साथ ही, स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई जरूरी है।

निष्कर्ष

रायपुर के आसपास डिस्टिलरी से फैल रहा प्रदूषण न केवल पर्यावरण बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version