कवर्धा में नवरात्रि पर कन्या पूजन कार्यक्रम हुआ, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश दिया, समाज से जागरूकता की अपील भी की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विशेष रूप से भाग लिया और बेटियों के सम्मान व सशक्तिकरण का संदेश दिया।
बेटियों का सम्मान सर्वोपरि
उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां न केवल परिवार बल्कि समाज और देश की भी असली धरोहर हैं। उनका सम्मान और सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इस पावन पर्व पर कन्या पूजन का आयोजन हमें यह संदेश देता है कि बेटियों को देवी का स्वरूप मानकर उनका आदर करना चाहिए।
कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के अंतिम दिनों में छोटी-छोटी कन्याओं को भोजन कराकर और उनका पूजन कर माता रानी की कृपा प्राप्त होती है। कवर्धा में आयोजित इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में कन्याओं को आमंत्रित किया गया था। उन्हें भोजन, उपहार और आशीर्वाद दिया गया।
सशक्तिकरण का संदेश
श्री शर्मा ने कहा कि आज का समय बेटियों को केवल पूजा तक सीमित रखने का नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा के हर क्षेत्र में सशक्त बनाने का है। सरकार की ओर से बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं और आगे भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सामाजिक एकता का प्रतीक
कवर्धा में हुए इस कन्या पूजन कार्यक्रम में न केवल धार्मिक महत्व झलकता है, बल्कि यह सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी बना। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। सबने मिलकर न केवल कन्याओं का पूजन किया बल्कि बेटियों की शिक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता का संकल्प भी लिया।
बेटियों की भूमिका पर प्रकाश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। चाहे खेल हो, शिक्षा हो, विज्ञान हो या राजनीति—हर जगह बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। समाज को चाहिए कि उन्हें अवसर और प्रोत्साहन देकर आगे बढ़ने का मौका दे।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं अब विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित हैं, ताकि गांवों की बेटियां भी उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित न रहें। कन्या शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, निःशुल्क पुस्तकें, छात्रावास और तकनीकी प्रशिक्षण जैसी योजनाओं को और विस्तार दिया जाएगा।
नागरिकों का उत्साह
इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी उपमुख्यमंत्री की बातों का समर्थन करते हुए बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करने की आवश्यकता बताई। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि नवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों को सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है।
भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में समाज के संवेदनशील मुद्दों को जोड़कर जागरूकता फैलाना एक प्रभावी तरीका है। कवर्धा में कन्या पूजन कार्यक्रम इसी दिशा का उदाहरण है। बेटियों को केवल पूजा का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज की रीढ़ मानकर उन्हें हर अवसर देना ही सच्चा सशक्तिकरण होगा।





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