हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल की तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन को चिकित्सकीय सुविधाएं देने के निर्देश दिए। दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई, स्वास्थ्य रिपोर्ट पेश होगी।
रायपुर। बहुचर्चित मामले में जेल में बंद चैतन्य बघेल की तबीयत बिगड़ने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत को जानकारी दी गई कि बघेल को तेज बुखार और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं।
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हाईकोर्ट ने रायपुर सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को निर्देशित किया कि वे चैतन्य बघेल को समय पर चिकित्सकीय सुविधा, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कैदी का स्वास्थ्य उसकी मौलिक अधिकारों का हिस्सा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत में बघेल के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि इससे उनके मुवक्किल के जीवन को खतरा हो सकता है।
जेल प्रशासन की ओर से पेश अधिकारी ने बताया कि चैतन्य बघेल का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और उन्हें चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है। हालांकि, कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए।
मामले की अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी। तब तक अदालत ने आदेश दिया है कि बघेल की स्वास्थ्य रिपोर्ट नियमित रूप से पेश की जाए।
यह मामला पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चैतन्य बघेल पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अदालतें कैदियों के मौलिक अधिकारों और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देती हैं, ताकि न्याय प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की मानवीय हानि न हो।
