रविवार, 13 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

अर्पण पब्लिक स्कूल में मनाई गई हर्बल होली

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 2 March 2026

रायपुर के अर्पण पब्लिक स्कूल में हर्बल होली मनाई गई, बच्चों ने प्राकृतिक रंगों से सुरक्षित होली खेलकर पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।

रायपुर। शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान अर्पण पब्लिक स्कूल में इस वर्ष होली का पर्व पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में “हर्बल होली” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने प्राकृतिक रंगों से होली खेलकर सुरक्षित और हरित उत्सव का संदेश दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केमिकल युक्त रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और प्राकृतिक, सुरक्षित विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।


प्राकृतिक रंगों से सजी होली

विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गुलाल, हल्दी, फूलों और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार हर्बल रंगों का उपयोग किया गया। बच्चों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और “सेफ होली, ग्रीन होली” का संदेश फैलाया।

शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि केमिकल युक्त रंग त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जबकि हर्बल रंग स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाते।


बच्चों को दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और स्वच्छता को लेकर भी जागरूक किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि होली जैसे पर्व केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य आपसी प्रेम, भाईचारे और प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना भी है।

बच्चों को यह समझाया गया कि त्योहार मनाते समय हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारी खुशी से प्रकृति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।


रचनात्मक गतिविधियों से सजा कार्यक्रम

हर्बल होली कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगों से संबंधित पोस्टर बनाए, स्लोगन लिखे और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित लघु प्रस्तुतियां भी दीं।
कुछ बच्चों ने मंच से अपने विचार रखते हुए बताया कि वे अब अपने घरों में भी केवल प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलेंगे।

विद्यालय परिसर में रंगीन गुब्बारों और फूलों से सजी सजावट ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।


शिक्षकों ने दी सुरक्षित होली की सीख

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि—

  • होली खेलते समय आंखों और चेहरे का विशेष ध्यान रखें
  • अधिक तेज रंगों और पानी की बर्बादी से बचें
  • रंग खेलने के बाद शरीर को साफ पानी से धोना जरूरी है
  • बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ विशेष सावधानी रखें

इस दौरान बच्चों को यह भी बताया गया कि हर्बल रंग घर पर भी आसानी से तैयार किए जा सकते हैं।


विद्यालय प्रबंधन का संदेश

विद्यालय प्रबंधन की ओर से कहा गया कि आज के समय में त्योहारों को पर्यावरण के अनुकूल बनाना हमारी जिम्मेदारी है। अर्पण पब्लिक स्कूल में हर वर्ष बच्चों को सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन किए जाते हैं।

प्रबंधन ने कहा कि—

“हमारा उद्देश्य है कि बच्चे केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में जिम्मेदार नागरिक बनें। हर्बल होली जैसे आयोजन उन्हें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।”


अभिभावकों ने की पहल की सराहना

कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद कई अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि बच्चों को बचपन से ही सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली सिखाना बेहद जरूरी है।

कुछ अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे अब घर जाकर भी केमिकल रंगों की बजाय हर्बल रंगों के उपयोग की बात कर रहे हैं, जो इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।


स्वास्थ्य और सुरक्षा पर रहा विशेष ध्यान

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध रखी गई थी। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी बच्चे को आंखों या त्वचा से संबंधित परेशानी न हो।

विद्यालय स्टाफ ने पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखी और अनुशासन के साथ आयोजन को संपन्न कराया।


छात्रों में दिखा खास उत्साह

हर्बल होली कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने न केवल रंगों से होली खेली, बल्कि एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया।

कई विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें केमिकल रंगों की तुलना में प्राकृतिक रंग ज्यादा अच्छे और सुरक्षित लगे।


हरित भविष्य की ओर एक छोटा कदम

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि हर्बल होली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों को हरित भविष्य की दिशा में प्रेरित करने का एक प्रयास है। आने वाले समय में भी विद्यालय द्वारा पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


शिक्षा के साथ संस्कारों का विकास

अर्पण पब्लिक स्कूल में आयोजित यह हर्बल होली कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि किस तरह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और प्रकृति प्रेम के संस्कार विकसित कर सकते हैं।

रायपुर में आयोजित यह आयोजन न सिर्फ बच्चों के लिए यादगार बना, बल्कि शहर के अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version