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रायपुर में मार्च की शुरुआत के साथ बढ़ी गर्मी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 2 March 2026

रायपुर में मार्च की शुरुआत में गर्मी बढ़ी, पारा 35.6°C पहुंचा, मौसम विभाग ने आगे तापमान वृद्धि का संकेत दिया, लोग धूप व गर्मी से सावधान रहें।

रायपुर। राजधानी रायपुर में मार्च की शुरुआत होते ही गर्मी ने अपना असर तेज़ कर दिया है और तापमान असामान्य रूप से ऊंचा दर्ज किया गया। रविवार को शहर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस समय सामान्य औसत से लगभग 2.4 डिग्री अधिक है। इस अचानक बढ़ी गर्मी से आम लोगों को दोपहर में तेज धूप और उमस महसूस हो रही है।


मार्च में मौसम का बदलता मिजाज

मौसम के रुझानों के अनुसार मार्च की पहली तारीख से ही मध्य भारत के कई हिस्सों में हवा शुष्क और धूप तेज़ रहने लगी है, जिससे तापमान अपेक्षित औसत से ऊपर पहुंच रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की मौजूदा मौसम रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है और गर्मी का प्रकोप बना रह सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी सक्रिय नहीं हुआ है, जिसके चलते धूप और तेज़ ताप मौसम का मुख्या कारण बन रहे हैं। इससे पहले फरवरी के अंतिम दिनों में भी गर्मी के असामान्य प्रभाव देखने को मिले थे, जिससे मार्च में शुरुआती गर्मी की संभावना के संकेत मिले हैं।


तापमान का सामान्य आंकड़ा और रिकॉर्ड

सामान्यतया रायपुर में मार्च की अधिकतम तापमान औसत लगभग 30 °C के आसपास रहता है। लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत के कुछ ही दिनों में पारा 35 °C से ऊपर पहुंच गया है, जो इस मौसम के लिहाज़ से असामान्य है और गर्मी का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।

पारा 35.6°C के पार पहुंचने से आम लोगों ने भी दोपहर में तेज़ धूप, बढ़ी उमस और गर्म हवाओं का अनुभव किया है, जिससे कई ने अपने दैनिक कामों को जल्दी समाप्त कर घर लौटने को प्राथमिकता दी।


अगले कुछ दिनों में मौसम का पूर्वानुमान

IMD और मौसम विश्लेषकों का पूर्वानुमान है कि अगले 3–5 दिनों में भी गर्मी का प्रभाव जारी रह सकता है और तापमान सामान्य से ऊपर ही रहेगा। मध्य भारत में दिन का तापमान सामान्य से 2–4°C अधिक रहने की संभावना जताई गई है, जिससे तेज धूप और गर्मी का अहसास बना रहेगा।

बड़े शहरों की तुलना में छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में गर्मी का असर और अधिक महसूस होने की आशंका जताई जा रही है। दिन के समय बाहर रहने पर सूरज की तपिश से त्वचा प्रभावित भी हो सकती है, इसलिए विशेषज्ञ लोग डिहाइड्रेशन और गर्मी से बचने के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं।


स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव

गर्मी का यह प्रभाव विशेष रूप से उन वर्गों पर अधिक महसूस किया जा रहा है जो बाहर समय बिताते हैं, जैसे सड़क विक्रेता, निर्माण श्रमिक, किसान और सुबह-सुबह बाजार जाने वाले लोग।
अधिक तापमान के कारण—

  • दोपहर के समय तेज धूप से त्वचा जलन हो सकती है
  • पसीना अधिक निकलने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है
  • बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी से परेशान होने का अनुभव हो सकता है

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि गर्मी के समय धूप में बिना आवरण के रहने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्का, आरामदायक कपड़ा पहनें।


कृषि पर संभावित असर

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च में अचानक तापमान वृद्धि से फसलों पर असर देखने को मिल सकता है, खासकर उन फसलों पर जिनमें फूल या बियाई का समय निकट हो। अधिकांश फसलों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है, और तेज़ गर्मी के साथ सूखे जैसा असर भी पैदा हो सकता है।
इसलिए किसान समुदाय को सलाह दी जा रही है कि वे समय पर सिंचाई का ध्यान रखें और धूप में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।


मौसम विभाग की चेतावनी

IMD ने गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कहा है कि मार्च से मई तक मौसम सामान्य से अधिक गरम रहने की संभावना है। कुछ हिस्सों में तापमान 35 °C से ऊपर भी पहुँच सकता है, और “हीट वेव” के प्रभाव भी स्थानीय स्तर पर संभव हैं। ऐसे में लोग गर्मी से बचने के उपाय अपनाएं और धूप से सीधे संपर्क में रहने से परहेज़ करें।

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