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नेशनल कैंप में हरियाणा बॉक्सरों का दबदबा

खेल ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 22 January 2026

नेशनल बॉक्सिंग कैंप में 64 में से 31 हरियाणा के मुक्केबाज चयनित, स्वीडन कोच की वापसी से ओलिंपिक तैयारी को नई धार मिली।

पंचकूला। भारतीय मुक्केबाजी के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में इस बार हरियाणा के मुक्केबाजों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिल रहा है। 64 खिलाड़ियों के चयनित समूह में से 31 मुक्केबाज अकेले हरियाणा से हैं, जो देश की मुक्केबाजी प्रतिभा में राज्य की मजबूत भूमिका को दर्शाता है। यह शिविर आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और ओलिंपिक क्वालिफिकेशन की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

पंचकूला में आयोजित इस नेशनल कैंप में देशभर के शीर्ष मुक्केबाजों को बुलाया गया है, लेकिन चयन सूची में हरियाणा के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में हरियाणवी बॉक्सरों ने अपनी प्रतिभा और निरंतर प्रदर्शन के दम पर चयन हासिल किया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह राज्य की मजबूत खेल नीति, कोचिंग सिस्टम और जमीनी स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का परिणाम है।

इस कैंप की एक और बड़ी खासियत है स्वीडन के अनुभवी कोच की वापसी। वही कोच, जिन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में भारतीय मुक्केबाजों को सबसे अधिक ओलिंपिक कोटा दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, एक बार फिर राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ गए हैं। उनकी वापसी से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

स्वीडिश कोच का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने पिछली ओलिंपिक क्वालिफिकेशन साइकिल में रिकॉर्ड संख्या में कोटे हासिल किए थे। तकनीकी सुधार, फिटनेस पर जोर और मानसिक मजबूती पर आधारित उनका प्रशिक्षण मॉडल भारतीय मुक्केबाजों के लिए बेहद कारगर साबित हुआ है।

हरियाणा के 31 मुक्केबाजों में कई नाम ऐसे हैं जो पहले ही एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का यह मिश्रण आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत के लिए मजबूत टीम तैयार करने में मदद करेगा।

हरियाणा खेल विभाग के अधिकारियों ने इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रही खेल अकादमियों, जिला स्तर की प्रतियोगिताओं और कोचों की मेहनत का नतीजा है। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय कैंप तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कैंप के दौरान खिलाड़ियों को तकनीकी ट्रेनिंग के साथ-साथ न्यूट्रिशन, रिकवरी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजी पर भी विशेष सत्र दिए जा रहे हैं। आगामी एशियन क्वालिफायर और वर्ल्ड चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए हर पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही लय बनी रही, तो आने वाले ओलिंपिक में भारत की मुक्केबाजी टीम पहले से कहीं अधिक मजबूत नजर आएगी। हरियाणा के बॉक्सरों की संख्या और गुणवत्ता इस बात का संकेत है कि भविष्य में भी राज्य भारतीय मुक्केबाजी की रीढ़ बना रहेगा।

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