शनिवार, 12 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

बैसाखी पर गुरुचरण सिंह होरा ने माथा टेका

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 14 April 2026

रायपुर के देवेंद्र नगर गुरुद्वारे में बैसाखी पर्व पर गुरुचरण सिंह होरा ने परिवार सहित मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

रायपुर। बैसाखी पर्व और खालसा पंथ स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर गुरुद्वारा में श्रद्धा और आस्था का भव्य माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट टेनिस संघ के महासचिव सरदार गुरुचरण सिंह होरा ने अपने परिवार के साथ गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 🙏✨

बैसाखी पर्व के अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष शबद कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने वाहेगुरु का नाम जपते हुए समाज और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान गुरु घर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने सेवा कार्यों में भी भाग लिया।

परिवार के साथ पहुंचे गुरुचरण सिंह होरा

इस अवसर पर सरदार गुरुचरण सिंह होरा अपने परिवार के साथ गुरुद्वारे पहुंचे। उनके साथ पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, बड़े भाई दिलेर सिंह होरा, बेटी सोनिया सचदेव, बहू नैना खनूजा होरा तथा अन्य परिजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गुरु साहिब के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 🌼

बैसाखी पर्व का दिया संदेश

इस अवसर पर गुरुचरण सिंह होरा ने बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैसाखी खुशहाली, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल फसल कटाई का उत्सव ही नहीं, बल्कि भाईचारे, एकता और सेवा भावना का संदेश भी देता है।

उन्होंने कहा कि बैसाखी के दिन लोग नई ऊर्जा के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। 🤝

खालसा पंथ स्थापना दिवस का महत्व

बैसाखी पर्व सिख धर्म में विशेष महत्व रखता है। गुरु गोबिंद सिंह ने वर्ष 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने पंच प्यारों को अमृत पान कराया और समाज में समानता एवं एकता का संदेश दिया।

गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि सिख धर्म सेवा, त्याग और समर्पण की मिसाल है। सिख समाज हमेशा मानव सेवा के लिए आगे रहता है और यही परंपरा आज भी कायम है।

गुरुद्वारे में भक्ति का माहौल

बैसाखी पर्व के अवसर पर गुरुद्वारे में:

  • शबद कीर्तन
  • अरदास
  • लंगर सेवा
  • धार्मिक प्रवचन

का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण कर सेवा भावना को मजबूत किया। 🍛

समाज में भाईचारे का संदेश

बैसाखी पर्व भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर लोगों ने आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव का संदेश दिया।

गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि ऐसे धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

श्रद्धालुओं ने की खुशहाली की कामना

बैसाखी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने प्रदेश की उन्नति, शांति और खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा।

बैसाखी का यह पर्व श्रद्धा, आस्था और सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ और लोगों ने नई उम्मीदों के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। 🌟

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *