धरसींवा जनपद के दो सरपंच स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के समारोह में विशेष अतिथि होंगे, ग्रामीण नेतृत्व को मिला राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के धरसींवा जनपद से दो सरपंचों को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। इन दोनों सरपंचों को 15 अगस्त 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस चयन को लेकर धरसींवा जनपद में हर्ष का माहौल है। ग्रामीण विकास और पंचायत सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को लेकर इन सरपंचों को यह सम्मान मिला है।
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ग्रामीण नेतृत्व की राष्ट्रीय पहचान
जनपद पंचायत धरसींवा अंतर्गत आने वाले दो ग्राम पंचायतों के सरपंच – संगीता वर्मा (ग्राम भिलाईखुर्द) और रामकुमार साहू (ग्राम सिलगेर) को भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष आमंत्रित अतिथि बनाया गया है।
इन दोनों ने अपने-अपने गांवों में विकास के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किए हैं – चाहे वह स्वच्छता मिशन हो, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल पंचायत भवन निर्माण या महिला सशक्तिकरण की पहल।
क्यों मिला सम्मान?
ग्राम भिलाईखुर्द की सरपंच संगीता वर्मा ने अपने कार्यकाल में 100% शौचालय निर्माण, ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण, और डिजिटल ग्राम पंचायत की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है।
वहीं, ग्राम सिलगेर के सरपंच रामकुमार साहू ने वर्षा जल संरक्षण, जैविक खेती प्रोत्साहन और युवाओं को खेलों में बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू कीं।
जनपद और जिले में खुशी की लहर
धरसींवा जनपद के सीईओ ने इस मौके पर कहा कि –
“यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारे जनपद के दो सरपंच राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो रहे हैं। ये पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेंगे।”
रायपुर जिला प्रशासन ने भी दोनों सरपंचों को बधाई दी और इस उपलब्धि को “छत्तीसगढ़ की सशक्त पंचायतीराज व्यवस्था की जीत” बताया।
लाल किले पर मिलेगी राष्ट्रीय मंच की पहचान
15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। इस भव्य समारोह में देशभर से चुनिंदा जनप्रतिनिधियों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों, और नवाचार करने वालों को आमंत्रित किया गया है।
छत्तीसगढ़ से इन दो सरपंचों का चयन बताता है कि देश में जमीनी स्तर पर हो रहे विकास कार्यों को भी अब मान्यता दी जा रही है।
पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा
इस खबर के सामने आने के बाद आसपास के पंचायतों के सरपंचों और सदस्यों में भी ऊर्जा और प्रेरणा देखने को मिली। सभी ने माना कि यह सम्मान केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पंचायत प्रणाली की सफलता का संकेत है।
जनता की प्रतिक्रिया
ग्रामवासियों ने मिठाइयां बांटकर इस खुशखबरी का जश्न मनाया। स्थानीय युवाओं ने कहा –
“हमारे गांव से कोई लाल किले तक जाएगा, ये पहले कभी सोचा भी नहीं था।”
राज्य सरकार और पंचायत विभाग की पहल
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पंचायतों को सशक्त करने के लिए ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ जैसे अभियानों के चलते जमीनी स्तर पर नवाचार और जवाबदेही में बढ़ोतरी हुई है।
