राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सूरजपुर जिले के आकांक्षी ब्लॉक प्रतापपुर के एक दिवसीय प्रवास में विकास कार्यों का निरीक्षण किया और जनता से संवाद किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज सूरजपुर जिले के आकांक्षी ब्लॉक प्रतापपुर के एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद किया तथा प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्यपाल का यह दौरा राज्य सरकार की आकांक्षी जिलों के सर्वांगीण विकास की नीति के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विकास की गति को अंतिम छोर तक पहुँचाना है।
🔹 स्वागत और कार्यक्रम की शुरुआत
प्रतापपुर पहुँचने पर राज्यपाल श्री रमेन डेका का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रीति-रिवाजों से गर्मजोशीपूर्वक स्वागत किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने राज्यपाल का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित ग्रामीणों ने फूलमालाओं से राज्यपाल का स्वागत करते हुए उनके सामने अपनी समस्याएँ और विकास से जुड़ी अपेक्षाएँ रखीं।
🔹 विकास कार्यों का निरीक्षण
अपने प्रवास के दौरान राज्यपाल ने ब्लॉक क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, जैसे सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तब मिलेगा जब वे जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुँचें।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
🔹 आकांक्षी ब्लॉक पर विशेष ध्यान
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि प्रतापपुर जैसे आकांक्षी ब्लॉकों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आकांक्षी जिलों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ग्रामीण क्षेत्र में विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना शासन की मुख्य नीति है।
🔹 जनसंवाद और ग्रामीणों से मुलाकात
राज्यपाल ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने कहा कि जनता की सहभागिता के बिना विकास संभव नहीं है।
राज्यपाल ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी हर परिवार तक पहुँचाएँ और पारदर्शिता बनाए रखें।
उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि ये समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भर रहे हैं।
🔹 शिक्षा और युवा विकास पर बल
राज्यपाल रमेन डेका ने क्षेत्र के विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए कहा कि शिक्षा ही विकास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें और विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित करें।
उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में असीम प्रतिभा है। उन्हें अवसर और सही मार्गदर्शन देकर राज्य के भविष्य को सशक्त बनाया जा सकता है।”
🔹 स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
अपने दौरे में राज्यपाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की और ग्रामीणों के स्वास्थ्य से संबंधित सुविधाओं का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि हर नागरिक को निःशुल्क और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
🔹 पर्यावरण और स्वच्छता पर जोर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।
उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने ‘स्वच्छ ग्राम – स्वस्थ ग्राम’ के नारे को जन आंदोलन के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
🔹 प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक
राज्यपाल ने सूरजपुर जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएँ तभी सफल होंगी जब प्रशासनिक टीम समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें।
🔹 ग्रामीणों ने जताया आभार
प्रतापपुर के ग्रामीणों ने राज्यपाल की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके दौरे से क्षेत्र में नई उम्मीदें जागी हैं।
लोगों ने कहा कि राज्यपाल का सीधा संवाद और सुझाव ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे।
🔹 निष्कर्ष भाव (संक्षेप में)
राज्यपाल श्री रमेन डेका का यह प्रवास न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह जनता और शासन के बीच विश्वास का सेतु भी बना।
आकांक्षी ब्लॉक प्रतापपुर जैसे क्षेत्र में उनका यह दौरा विकास की नई संभावनाओं को जन्म देने वाला साबित हुआ।
राज्यपाल का संदेश स्पष्ट था — “विकास तभी सार्थक है जब वह हर व्यक्ति तक पहुँचे।”
उनकी यह भावना छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है।
