छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री डेका ने नागालैण्ड के राज्यपाल श्री गणेशन को श्रद्धांजलि अर्पित की। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं और अधिकारियों ने संवेदना प्रकट की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को एक भावुक और श्रद्धापूर्ण माहौल देखने को मिला जब राज्यपाल बिस्वभूषण हरिचंदन डेका ने नागालैण्ड के राज्यपाल ला. गणेशन को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम राजभवन परिसर में आयोजित हुआ, जहां गणमान्य लोगों, अधिकारियों और समाजसेवियों ने उनकी स्मृति को नमन किया।
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श्री गणेशन का भारतीय राजनीति और समाजसेवा में लंबा योगदान रहा है। नागालैण्ड के राज्यपाल के रूप में उन्होंने न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अपनी छाप छोड़ी। उनकी सहजता, कर्मनिष्ठा और लोगों के प्रति समर्पण को याद करते हुए राज्यपाल डेका ने कहा कि “श्री गणेशन का निधन पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित और जनता के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।”
कार्यक्रम में मौजूद मंत्रियों और अधिकारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी संवेदना प्रकट की गई और कहा गया कि श्री गणेशन का जीवन नई पीढ़ी को कर्तव्य और सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर कहा कि श्री गणेशन का व्यक्तित्व सरल लेकिन दृढ़ था। वे हमेशा युवाओं को शिक्षा, अनुशासन और संस्कार के प्रति जागरूक करने का प्रयास करते थे। उनका मानना था कि देश की वास्तविक ताकत उसकी युवा पीढ़ी और शिक्षा व्यवस्था में निहित है।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया। सभा स्थल पर उनका जीवन परिचय और सेवाभावी कार्यों पर आधारित एक संक्षिप्त प्रस्तुति भी दी गई।
नागालैण्ड सहित पूरे देश में श्री गणेशन के निधन पर शोक की लहर है। उनके राजनीतिक योगदान को याद करते हुए वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वे राजनीति में पारदर्शिता और नैतिकता के समर्थक थे।
राज्यपाल डेका ने अंत में कहा कि “हम सभी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और त्याग से ही संभव है।”
