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गंगरेल और अन्य बांधों में पानी की अच्छी आवक

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 20 August 2025

गंगरेल बांध 83 प्रतिशत भरा, मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढूर में भी जल आवक अच्छी, किसानों और स्थानीय लोगों के लिए राहत की स्थिति।

धमतरी गंगरेल । छत्तीसगढ़ के जलाशयों और बांधों में पानी की आवक में तेजी आई है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल स्तर बेहतर हुआ है। गंगरेल बांध इस समय 83 प्रतिशत भर चुका है, जबकि मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढूर बांधों में भी पानी की आवक अच्छी बनी हुई है।

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प्रदेश में मानसून के चलते जलाशयों में पानी की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। गंगरेल बांध की वर्तमान स्थिति किसानों और स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी है, क्योंकि इस पानी से सिंचाई और पेयजल की जरूरतें पूरी होंगी। मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढूर बांधों में भी पानी का स्तर पर्याप्त मात्रा में पहुंच चुका है, जिससे जल संचयन और सिंचाई के लिए अनुकूल स्थिति बन रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश का यह पैटर्न आगामी महीनों में कृषि और जल प्रबंधन के लिए फायदेमंद रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि जलाशयों में पानी की आवक लगातार निगरानी में रखी जा रही है ताकि बाढ़ या किसी अप्रत्याशित स्थिति से बचाव किया जा सके।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गंगरेल बांध में फिलहाल पानी का स्तर 83 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति दर्शाता है। मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढूर में भी जल स्तर में सुधार हुआ है। यह स्थिति किसानों के लिए राहत और आगामी फसल के लिए बेहतर तैयारी की संभावना दिखाती है।

प्रदेश सरकार ने जलाशयों में पानी के उचित प्रबंधन और सिंचाई कार्यों के लिए विशेष कदम उठाए हैं। जलाशयों में पर्याप्त जल स्तर होने से पानी की कमी और कृषि पर प्रभाव कम होगा।

जल स्रोतों की स्थिति पर नजर रखते हुए, प्रशासन ने स्थानीय लोगों को जागरूक करने और जल संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों का सहयोग और समय पर निगरानी, बांधों की सुरक्षा और सिंचाई योजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस तरह, गंगरेल, मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढूर बांधों में पानी की अच्छी आवक ने प्रदेश में जल संकट के समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं।


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