गरियाबंद में बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और बाल विवाह मुक्त अभियान की शुरुआत, किशोरियों की जांच, जागरूकता और सुरक्षित भविष्य पर फोकस।
गरियाबंद। जिले में बालिकाओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण अभियान एवं बाल विवाह मुक्त अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
किशोरियों के स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस
अभियान के अंतर्गत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बालिकाओं का:
- सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण
- हीमोग्लोबिन जांच
- पोषण स्तर का आकलन
- टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा
की जाएगी।
एनीमिया और कुपोषण पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गरियाबंद जिले में किशोरियों में एनीमिया और कुपोषण की समस्या को देखते हुए विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा, ताकि समय रहते इलाज और परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान
बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत:
- गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रम
- स्कूलों में संवाद सत्र
- पंचायत स्तर पर बैठकें
आयोजित की जाएंगी, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी जा सके।
कानूनी जानकारी भी दी जाएगी
कार्यक्रम में लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।
विभागों का संयुक्त प्रयास
इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
बालिकाओं को मिलेगा परामर्श और मार्गदर्शन
स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ किशोरियों को:
- मानसिक स्वास्थ्य
- व्यक्तिगत स्वच्छता
- पोषण
- किशोरावस्था से जुड़ी समस्याओं
पर परामर्श भी दिया जाएगा।
जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन ने गरियाबंद को आगामी समय में बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए सतत निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
