गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर DJ-पटाखों पर बैन, CCTV निगरानी और सख्त सुरक्षा, शांति समिति के फैसले से हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई तय।
रायपुर। गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी जैसे बड़े धार्मिक अवसरों पर इस बार प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। शांति समिति की विशेष बैठक में यह तय किया गया कि दोनों अवसरों पर DJ और पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा शहरभर में CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसल
पिछले वर्षों में कई जगहों पर त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले DJ, पटाखों और जुलूसों में भीड़ के कारण माहौल बिगड़ने की घटनाएं सामने आई थीं। प्रशासन ने इस बार किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से सख्त कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शांति समिति की बैठक
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, सामाजिक संगठनों और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया कि त्योहारों पर किसी भी तरह की गतिविधि से शहर का माहौल खराब नहीं होना चाहिए। समिति ने अपील की कि सभी लोग प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और शांति बनाए रखें।
CCTV से होगी चौकसी
शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इस बार “नो टॉलरेंस पॉलिसी” अपनाई जाएगी। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।
DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
त्योहारों पर DJ बजाने और पटाखे फोड़ने से न केवल ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि झगड़े और विवाद की आशंका भी रहती है। इसी कारण समिति ने दोनों पर सख्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।
धार्मिक नेताओं का समर्थन
बैठक में मौजूद धार्मिक नेताओं ने भी प्रशासन के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना था कि त्योहार आस्था और भाईचारे का प्रतीक हैं, इन्हें शांति और सादगी से मनाना चाहिए।
पुलिस की तैयारी
पुलिस ने त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है। अतिरिक्त फोर्स तैनात की जाएगी, रूट डायवर्जन किए जाएंगे और ड्रोन से भी निगरानी रखी जाएगी।
हुड़दंगियों पर सख्ती
प्रशासन ने साफ किया है कि हुड़दंग या गड़बड़ी फैलाने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा और कानूनन कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश साझा करने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
नतीजा
प्रशासन का मानना है कि इन कड़े कदमों से त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बना रहेगा। यह फैसला इस बात का संदेश भी देता है कि आस्था का सम्मान जरूरी है, लेकिन इसके साथ समाज की सुरक्षा और शांति को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
