गणेश विसर्जन झांकियां 8 सितंबर को निकलेंगी। 800 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर प्रतिबंध लगाया, सुरक्षा-व्यवस्था हेतु पुख्ता इंतजाम किए।
रायपुर। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में गणेश उत्सव का माहौल चरम पर है। जगह-जगह गणेश पंडालों में भक्ति और आस्था का वातावरण नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गणेश विसर्जन की झांकियां 8 सितंबर को निकाली जाएंगी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।
जानकारी के अनुसार, विसर्जन जुलूस के दौरान 800 से अधिक वर्दीधारी जवान तैनात रहेंगे। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इस बार प्रशासन ने विशेष निर्णय लेते हुए डीजे और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य शांति, सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
डीजे और पटाखों पर क्यों लगी रोक?
प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्षों में डीजे की तेज आवाज और पटाखों से कई बार झगड़े और दुर्घटनाएं सामने आई थीं। इसके अलावा ध्वनि और वायु प्रदूषण को देखते हुए इस बार स्पष्ट आदेश दिया गया है कि झांकियों में किसी भी तरह का डीजे नहीं बजाया जाएगा और न ही पटाखे फोड़े जाएंगे। नियम का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की तैयारी
शहर के मुख्य मार्गों और विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में महिला पुलिसकर्मियों की भी मौजूदगी रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने मार्गों को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना तैयार की है।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण बनाए रखें। श्रद्धालु विसर्जन के दौरान ध्वनि नियंत्रण और सुरक्षा का ध्यान रखें।
सामाजिक संगठनों का सहयोग
कई सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं भी पुलिस और प्रशासन को सहयोग कर रही हैं। सफाई व्यवस्था और विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम की टीम भी सक्रिय रहेगी।
आस्था और उत्साह का संगम
गणेश विसर्जन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी अवसर है। हजारों श्रद्धालु मिलकर भगवान गणेश को विदाई देते हैं और अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना करते हैं। इस दौरान लोग “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष के साथ माहौल को भक्तिमय बना देंगे।
डिजिटल निगरानी
इस बार प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की है। ड्रोन कैमरों से भीड़ की मूवमेंट पर भी नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
पुलिस ने कहा है कि झांकियों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ वाले स्थानों पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे।
अंत में
गणेश विसर्जन झांकियों को लेकर राजधानी सहित प्रदेशभर में प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी हो चुकी है। श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वे नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से भगवान गणेश को विदा करें।
