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तेज रफ्तार हादसों में चार लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 4 August 2025

छत्तीसगढ़ में दो हादसों में चार की मौत, कांवड़ियों और बस स्टाफ को रौंदा अज्ञात वाहन और तेज कार ने, पुलिस ने जांच शुरू की।

राजनांदगांव।छत्तीसगढ़ में कांवड़ यात्रा के दौरान हुए भीषण सड़क हादसों ने एक बार फिर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लापरवाही को उजागर कर दिया। दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पहला हादसा राजनांदगांव जिले में हुआ, जहां दो कांवड़ियों को एक अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। दूसरी घटना बालोद जिले की है, जहां तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े बस चालक और परिचालक को कुचल दिया।

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हादसा-1: अज्ञात वाहन की चपेट में आए कांवड़िए

राजनांदगांव जिले के छुरिया थाना क्षेत्र में ये हादसा सोमवार सुबह हुआ। कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालु शिव भक्तों की टोली सड़क किनारे से गुजर रही थी, तभी तेज गति से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी।

इस हादसे में दो कांवड़िए मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान अनिल साहू (24) और विजय पटेल (26) के रूप में हुई है। घायल श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा-2: कार ने बस स्टाफ को कुचला

दूसरी घटना बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र में हुई। एक सवारी बस सड़क किनारे खड़ी थी और चालक-परिचालक बस से नीचे उतरकर कुछ दूरी पर खड़े थे। उसी समय तेज रफ्तार से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर दोनों को कुचलते हुए निकल गई।

हादसे में बस चालक रमेश साहू (45) और परिचालक दीपक यादव (38) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

प्रशासन की लापरवाही उजागर

दोनों हादसों में एक समान पहलू यह था कि मौके पर सड़क पर न तो पर्याप्त लाइट थी और न ही कोई चेतावनी संकेत। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन कांवड़ यात्रा जैसी भीड़भाड़ वाली धार्मिक गतिविधियों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा या ट्रैफिक प्रबंधन नहीं करता, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं।

पुलिस जांच में जुटी

राजनांदगांव और बालोद पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात वाहन चालकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच की जा रही है।

मृतकों के परिजनों में शोक

इन हादसों की खबर मिलते ही गांव में मातम फैल गया। सभी मृतक अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। परिजनों ने प्रशासन से मुआवजा और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

सामाजिक संगठनों ने जताया आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांग की कि धार्मिक यात्राओं के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

हादसों से सब

इन हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों और सड़क किनारे काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सुव्यवस्थित नीति और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।

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