भूपेश बघेल ने ट्रंप टैरिफ, धर्मांतरण, और ननों की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया, सरकार की नीयत पर उठाए सवाल।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर “दोहरी नीति” अपनाने का आरोप लगाते हुए विदेश नीति से लेकर धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। बघेल ने कहा कि ट्रंप टैरिफ और धर्मांतरण के मामलों में सरकार की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आता है। साथ ही उन्होंने हाल ही में कुछ ननों की गिरफ्तारी को लेकर भी भाजपा शासित राज्यों पर निशाना साधा।
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ट्रंप टैरिफ और व्यापारिक नीति पर टिप्पणी
भूपेश बघेल ने अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक समझौतों को लेकर केंद्र सरकार की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप के कार्यकाल में लगाए गए टैरिफ को लेकर भारत सरकार ने अपने रुख को स्पष्ट नहीं किया और यह दिखाता है कि भाजपा की विदेश नीति केवल “मुद्दों की मार्केटिंग” तक सीमित है।
धर्मांतरण और गिरजाघर पर हमलों पर चिंता
बघेल ने भाजपा द्वारा धर्मांतरण के मुद्दे को बार-बार उछालने की रणनीति को “धार्मिक ध्रुवीकरण की साजिश” बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों में गिरजाघरों पर हमले और ननों की गिरफ्तारी पूरी तरह से अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश है।
ननों की गिरफ्तारी पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में कुछ राज्यों में ननों की गिरफ्तारी को “संविधान की भावना के खिलाफ” बताया। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और इससे भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय मंच पर खराब हो रही है। बघेल ने पूछा कि क्या भारत अब केवल बहुसंख्यक विचारधारा के मुताबिक चलेगा?
भाजपा की ‘दोहरी नीति’ पर आरोप
बघेल ने भाजपा की ‘दोहरी नीति’ की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक ओर पार्टी धार्मिक स्वतंत्रता की बात करती है, दूसरी ओर उसी के नेता धार्मिक स्थलों पर हमले करते हैं या समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चुनिंदा कार्रवाई कर रही है, जो कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
कांग्रेस की स्थिति और भविष्य
बघेल ने कांग्रेस की नीतियों को “समावेशी और संविधानसम्मत” बताया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में जनता भाजपा की नीतियों को नकार चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनावों में भी जनता कांग्रेस को समर्थन देगी।
सोशल मीडिया पर बघेल के बयान का असर
भूपेश बघेल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कुछ नेताओं ने इसे “सस्ती लोकप्रियता” की राजनीति कहा है।
