दिल्ली में हथिनी कुंड बैराज के 18 गेट खोले गए। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नागरिकों को सतर्क किया।
नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली में मौसम और जलस्तर की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। प्रशासन ने हथिनी कुंड बैराज के 18 गेट खोलने का निर्णय लिया है, जिससे निचले इलाकों में पानी का बहाव बढ़ सकता है। इस कारण से अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
हथिनी कुंड बैराज की स्थिति
मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में उत्तर भारत में लगातार बारिश होने से यमुना नदी और इसके सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए हथिनी कुंड बैराज प्रबंधन ने 18 गेट खोलने का निर्णय लिया है ताकि बैराज की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और नदी का प्रवाह नियंत्रित किया जा सके।
बैराज के गेट खुलने से पानी की मात्रा बढ़ेगी और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न होगा। प्रशासन ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को चेतावनी दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
प्रभावित इलाकों में प्रशासन की तैयारी
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने निचले इलाकों में आपातकालीन राहत केंद्र और सुरक्षा टीम तैनात कर दी है। साथ ही, जलस्तर पर नजर रखने के लिए डीजेटीएम और आईटी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है।
आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी के संभावित बहाव के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से निचले इलाकों में न जाएं और अपने घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
स्कूल और परिवहन पर प्रभाव
बाढ़ के बढ़ते खतरे के चलते प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कुछ स्थानों पर स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने की संभावना भी है।
सड़क और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ सकता है। जलभराव और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए नागरिकों से सलाह दी गई है कि वे आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।
आपातकालीन सेवाओं की स्थिति
प्रशासन ने एनडीआरएफ और पुलिस बल को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। पानी में फंसे लोगों को निकालने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए स्पेशल टीमों को तैनात किया गया है।
साथ ही, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों के आसपास की नालियों और नदियों के किनारे न जाएं और बच्चों को पानी के पास खेलने से रोकें।
विशेषज्ञों का अनुमान
मौसम और जल संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 24-48 घंटों में बारिश और जलस्तर की स्थिति पर नजर रखी जानी चाहिए। यदि गेट खोलने के बाद भी जलस्तर में वृद्धि होती है, तो बैराज प्रबंधन को और अधिक गेट खोलने पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे हमेशा सरकारी अपडेट पर भरोसा करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
निष्कर्ष
दिल्ली में हथिनी कुंड बैराज के गेट खुलने और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति ने प्रशासन और नागरिकों को सतर्क कर दिया है। सावधानी, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही इस बाढ़ संकट से सुरक्षित निकलने का उपाय है।
