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भुइंया एप हैकिंग में दुर्ग के तीन थानों में

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 14 August 2025

दुर्ग में भुइंया एप हैकिंग मामले में तीन थानों में FIR, अज्ञात हैकर और फर्जी लोन लेने वालों पर मामला दर्ज, साइबर सेल जांच में जुटी।


छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भुइंया एप हैकिंग मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायत के बाद जिले के तीन अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में अज्ञात हैकर के साथ-साथ उन लोगों पर भी मामला दर्ज हुआ है, जिन्होंने हैकिंग के जरिए फर्जी तरीके से लोन प्राप्त किया।

मामले का खुलासा

सूत्रों के अनुसार, भुइंया एप — जो राजस्व विभाग की भूमि संबंधी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने वाली आधिकारिक डिजिटल सेवा है — को अज्ञात साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। हैकरों ने एप में छेड़छाड़ कर फर्जी जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल बैंकों से लोन लेने में किया।

शिकायत और एफआईआर

राजस्व विभाग ने इस मामले में गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह साइबर अपराध न केवल सरकारी डेटा सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे भूमि रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे हैं।
दुर्ग के पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि तीन अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच के लिए विशेष साइबर सेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जांच की दिशा

पुलिस के अनुसार, हैकरों ने भुइंया एप के सर्वर तक अनाधिकृत पहुंच बनाकर डेटा में बदलाव किया। इन बदलावों के जरिए कुछ व्यक्तियों ने जमीन के मालिकाना हक में हेरफेर कर दिखाया और उसी आधार पर बैंकों से लोन ले लिया।
साइबर टीम ने संदिग्ध IP एड्रेस की पहचान शुरू कर दी है और लोन प्राप्त करने वालों की सूची तैयार की जा रही है।

लोन लेने वालों पर भी कार्रवाई

पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में केवल हैकर ही नहीं, बल्कि वे लोग भी आरोपी हैं, जिन्होंने हैकिंग का फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोन लिया। इन पर धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

डेटा सुरक्षा पर सवाल

यह मामला सरकारी एप और डिजिटल सेवाओं की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार हैकिंग की कोशिशें होती रहती हैं और उन्हें साइबर सुरक्षा के अत्याधुनिक उपायों से अपडेट रखना जरूरी है।

राजस्व विभाग का बयान

राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि सभी फर्जी दस्तावेज और लोन की जानकारी जुटाकर जल्द से जल्द इस अपराध में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए।” उन्होंने यह भी बताया कि भुइंया एप की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीकी टीम को निर्देश दिए गए हैं।

बैंकों की भूमिका

मामले में जिन बैंकों से लोन लिया गया, उन्हें भी नोटिस जारी किए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच के दौरान यह धोखाधड़ी कैसे पकड़ में नहीं आई, इसकी भी जांच होगी।

स्थानीय स्तर पर सतर्कता

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड समय-समय पर जांचते रहें। अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी या छेड़छाड़ का संदेह हो तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

आगे की कार्रवाई

पुलिस और साइबर सेल ने दावा किया है कि जल्द ही इस मामले में महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां होंगी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हैकिंग में इस्तेमाल उपकरण और नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे उच्च प्राथमिकता पर रखा गया है और राज्य स्तर पर भी साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।


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