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10 महीने से अटकी फाइल, 2910 परिवार परेशान

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 28 April 2026

रायपुर के न्यू स्वागत विहार में 10 महीने से फाइल लंबित, ले-आउट मंजूरी नहीं, 2910 परिवार जमीन के इंतजार में परेशान, प्रशासन से समाधान की मांग

रायपुर। राजधानी के न्यू स्वागत विहार प्रोजेक्ट से जुड़े हजारों परिवार पिछले 10 महीनों से प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। ले-आउट पर हस्ताक्षर नहीं होने के कारण फाइल एसडीएम कार्यालय में अटकी हुई है, जिससे 2910 परिवारों को अब तक जमीन का इंतजार है।

इस देरी ने लोगों की उम्मीदों को झटका दिया है और प्रोजेक्ट की प्रगति पूरी तरह ठप हो गई है।

ले-आउट पर नहीं हुए हस्ताक्षर

प्रोजेक्ट के तहत जमीन आवंटन के लिए जरूरी ले-आउट को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।

मुख्य समस्या:

  • एसडीएम कार्यालय में फाइल लंबित
  • ले-आउट पर हस्ताक्षर नहीं
  • प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी

इस कारण पूरा प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है। 📄

2910 परिवारों की बढ़ी चिंता

इस प्रोजेक्ट से जुड़े 2910 परिवार पिछले कई महीनों से जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

उनकी समस्याएं:

  • आवास की अनिश्चितता
  • आर्थिक दबाव
  • मानसिक तनाव

कई परिवारों ने अपने भविष्य की योजना इसी प्रोजेक्ट के आधार पर बनाई थी।

10 महीने से ठप प्रक्रिया

फाइल करीब 10 महीनों से एसडीएम कार्यालय में लंबित है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

प्रशासन की चुप्पी

इस मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है।

लोगों की मांग:

  • जल्द से जल्द फाइल का निपटारा
  • ले-आउट को मंजूरी
  • जमीन आवंटन प्रक्रिया शुरू

संभावित कारण

सूत्रों के अनुसार:

  • तकनीकी आपत्तियां
  • दस्तावेजों की जांच
  • प्रशासनिक स्तर पर देरी

हालांकि, आधिकारिक रूप से कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

जनप्रतिनिधियों से उम्मीद

प्रभावित परिवारों ने जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि समस्या का जल्द समाधान हो सके।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की देरी से न केवल लोगों का विश्वास टूटता है, बल्कि विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।

आगे क्या

यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रभावित परिवारों का विरोध और तेज हो सकता है।

निष्कर्ष

रायपुर के न्यू स्वागत विहार प्रोजेक्ट में फाइल अटकने से 2910 परिवारों का सपना अधूरा है। प्रशासन को जल्द निर्णय लेकर लोगों को राहत देने की जरूरत है।

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