डामर महंगा, निर्माण कार्यों पर ब्रेक लगा

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छत्तीसगढ़ में डामर कीमत 59 हजार से 98 हजार प्रति टन पहुंची, 25 हजार करोड़ के निर्माण कार्य प्रभावित, सड़क और विकास कार्यों पर पड़ा असर

रायपुर। प्रदेश में सड़क और निर्माण कार्यों पर महंगाई की बड़ी मार पड़ी है। डामर (बिटुमेन) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण राज्यभर में विकास कार्य ठप होने लगे हैं। जानकारी के अनुसार डामर की कीमत 59 हजार रुपए प्रति टन से बढ़कर 98 हजार रुपए प्रति टन तक पहुंच गई है, जिससे करीब 25 हजार करोड़ रुपए के निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं।

इस स्थिति ने ठेकेदारों, विभागों और आम जनता के बीच चिंता बढ़ा दी है।

कीमतों में भारी उछाल

पिछले कुछ समय में डामर की कीमतों में अचानक तेज वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्य आंकड़े:

  • पहले कीमत: 59,000 रुपए प्रति टन
  • वर्तमान कीमत: 98,000 रुपए प्रति टन
  • वृद्धि: लगभग 40% से अधिक

इस बढ़ोतरी ने निर्माण लागत को काफी बढ़ा दिया है। 🏗️

25 हजार करोड़ के काम प्रभावित

डामर महंगा होने के कारण राज्य में चल रहे और प्रस्तावित निर्माण कार्यों पर असर पड़ा है।

प्रभावित क्षेत्र:

  • सड़क निर्माण
  • मरम्मत और रखरखाव कार्य
  • नई परियोजनाएं

अनुमान है कि करीब 25 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुए हैं, जिनमें कई कार्य फिलहाल रोक दिए गए हैं।

ठेकेदारों की बढ़ी मुश्किलें

ठेकेदारों का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतों के कारण पुराने टेंडर रेट पर काम करना संभव नहीं है।

मुख्य समस्याएं:

  • लागत में अचानक वृद्धि
  • भुगतान में देरी
  • घाटे में काम करने की स्थिति

कई ठेकेदारों ने काम बंद करने या धीमा करने का फैसला लिया है।

विभाग भी असमंजस में

सरकारी विभाग भी इस स्थिति से जूझ रहे हैं। बढ़ती लागत के कारण बजट पर दबाव बढ़ गया है।

संभावित उपायों पर विचार:

  • रेट रिवीजन (मूल्य संशोधन)
  • अतिरिक्त बजट की मांग
  • परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करना

आम जनता पर असर

निर्माण कार्य रुकने का असर सीधे आम जनता पर पड़ रहा है।

समस्याएं:

  • सड़कों की मरम्मत में देरी
  • नई परियोजनाओं में विलंब
  • यातायात में परेशानी

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि डामर की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

उनका सुझाव:

  • वैकल्पिक निर्माण सामग्री पर विचार
  • लंबी अवधि की योजना बनाना
  • लागत नियंत्रण के उपाय

सरकार से राहत की उम्मीद

ठेकेदार और विभाग सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य फिर से गति पकड़ सकें।

भविष्य की स्थिति

यदि कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तो आने वाले समय में और अधिक परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में डामर की बढ़ती कीमतों ने विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। 25 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स प्रभावित होने से राज्य के बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ सकता है।

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Raja Shakti Raj Singh
Raja Shakti Raj Singhhttps://dabangsuchna.com
राजा शक्ति राज सिंह "दबंग सूचना" के संस्थापक और स्वामी हैं। वे निष्पक्ष, निर्भीक और जन-समर्पित पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। उनका उद्देश्य सच्चाई को आम जनता तक पहुंचाना है। डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है और उन्होंने "दबंग सूचना" को विश्वसनीय समाचार स्रोत के रूप में स्थापित किया है।
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