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छत्तीसगढ़ रजत जयंती में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सायसरकार

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 29 August 2025

छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में साय सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधारने और आधुनिक तकनीक से चिकित्सा सेवाओं को सशक्त किया।

रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष का जश्न मना रहा है और इस अवसर पर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े बदलाव और नई पहल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

राज्य सरकार का मानना है कि “स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज की नींव हैं,” और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।


स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा हुआ मजबूत

साय सरकार ने हाल के महीनों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ से सुसज्जित करने पर जोर दिया है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, टेलीमेडिसिन सेवाओं और एम्बुलेंस नेटवर्क को मजबूत किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में ही 200 से अधिक नई स्वास्थ्य इकाइयां स्थापित की गईं और 500 से अधिक डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की गई।


मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

साय सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पतालों में विशेष मातृत्व कक्ष तैयार किए गए हैं। ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को प्रसव के समय समय पर चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए जननी सुरक्षा योजना और निशुल्क 108 एम्बुलेंस सेवा को सुदृढ़ किया गया है।

साथ ही, कुपोषण से लड़ने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है।


नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं

छत्तीसगढ़ के बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। लेकिन साय सरकार ने इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां भेजने और नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।

इन प्रयासों से अब दूर-दराज के गांवों तक दवाइयां और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध हो रही हैं।


आधुनिक तकनीक और डिजिटल हेल्थ मिशन

साय सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के अनुरूप स्वास्थ्य क्षेत्र में भी तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दिया है। प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन लागू किया गया है, जिसके तहत मरीजों का यूनिक हेल्थ आईडी बनाया जा रहा है। इससे मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगे और किसी भी अस्पताल में इलाज कराना आसान होगा।

इसके अलावा, टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टर अब रायपुर या बड़े शहरों में बैठे-बैठे ही गांवों के मरीजों से ऑनलाइन परामर्श कर सकते हैं।


आयुष्मान भारत योजना का लाभ

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं। उनके लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत लाखों परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिली है।

साय सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तीव्रता लाने के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया है।


कोरोना महामारी से सबक और तैयारी

कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों से रूबरू कराया। छत्तीसगढ़ ने भी उस दौर में कठिनाई झेली, लेकिन साय सरकार ने महामारी से सबक लेते हुए स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया है।

अब प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट, ICU बेड और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए हेल्थ वर्कर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


मुख्यमंत्री की दृष्टि और संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रजत जयंती वर्ष पर कहा,
“छत्तीसगढ़ की असली ताकत उसके नागरिक हैं। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में पीड़ित न हो। हम आने वाले वर्षों में प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

साय सरकार का यह विज़न प्रदेश को एक ऐसे मॉडल राज्य की ओर ले जा रहा है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं न केवल उपलब्ध हों बल्कि गुणवत्तापूर्ण भी हों।


निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ अपने रजत जयंती वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई कहानी लिख रहा है। साय सरकार के प्रयासों से प्रदेश का स्वास्थ्य तंत्र न केवल मजबूत हो रहा है बल्कि आमजन को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकता है।


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