गरियाबंद के लोमष ऋषि आश्रम में विधिवत पूजन के साथ सनातन आस्था का प्रतीक धर्म ध्वज फहराया गया, बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध लोमष ऋषि आश्रम परिसर में सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक धर्म ध्वज विधिवत पूजन-अर्चन के साथ फहराया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम परिसर में एकत्र होकर आयोजन में सहभागी बने।
धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आश्रम प्रांगण में धर्म ध्वज फहराया गया। आयोजन के दौरान हरि नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सनातन परंपरा का प्रतीक
आयोजन से जुड़े संतों और धर्माचार्यों ने बताया कि धर्म ध्वज सनातन संस्कृति, सत्य, धर्म और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। धर्म ध्वज का लहराना समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
लोमष ऋषि आश्रम का धार्मिक महत्व
लोमष ऋषि आश्रम क्षेत्र का एक प्राचीन और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहां प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, हवन और पर्व-उत्सव आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस आश्रम में दर्शन मात्र से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में गरियाबंद सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक आयोजन में भाग लिया। धर्म ध्वज स्थापना के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
सामाजिक एकता का संदेश
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने युवाओं से सनातन परंपराओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर आश्रम समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।





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