कोरबा में आयोजित उद्यमिता जागरूकता शिविर में युवाओं को स्वरोजगार, स्टार्टअप, सरकारी योजनाओं और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कोरबा। जिले में युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से उद्यमिता जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, महिला उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सरकारी योजनाओं, उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तथा उपलब्ध वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी देना था।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उद्यमिता रोजगार का सशक्त माध्यम बन चुकी है। युवाओं को नौकरी के साथ-साथ व्यवसाय के क्षेत्र में भी अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने लघु एवं कुटीर उद्योग, स्टार्टअप, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, डेयरी, सेवा क्षेत्र एवं डिजिटल व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी
शिविर में उपस्थित अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया तथा विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि व्यवसाय शुरू करने के लिए पंजीयन प्रक्रिया, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने तथा वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया किस प्रकार की जाती है।
विशेषज्ञों ने युवाओं को उद्यम शुरू करते समय बाजार सर्वेक्षण, लागत प्रबंधन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को मिला प्रोत्साहन
कार्यक्रम में महिला प्रतिभागियों और स्व-सहायता समूहों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में सफल उद्यमी बन रही हैं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामूहिक व्यवसाय से आर्थिक सशक्तिकरण संभव है।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर जोर
शिविर के दौरान बताया गया कि जिले में विभिन्न विभागों द्वारा उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका लाभ उठाकर युवा अपने व्यवसाय कौशल को बेहतर बना सकते हैं। प्रतिभागियों को तकनीकी प्रशिक्षण, विपणन सहयोग और मार्गदर्शन सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वरोजगार को करियर विकल्प के रूप में अपनाएं।
युवाओं में दिखा उत्साह
उद्यमिता जागरूकता शिविर में भाग लेने वाले युवाओं ने कार्यक्रम को उपयोगी बताया और कहा कि इस तरह के शिविर उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। कई युवाओं ने अपने व्यवसायिक विचार साझा किए तथा विशेषज्ञों से आवश्यक सुझाव भी प्राप्त किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी जिले में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें।


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