बिजली विभाग की लापरवाही में मृतक के नाम पर गलत बिल, 5 हॉर्स पावर दिखाकर बढ़ाया भुगतान, ईई ने जांच का आश्वासन दिया।
रायपुर। बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें 10 साल पहले मृत व्यक्ति का 2023 में दर्ज दिखाया गया हस्ताक्षर और बिल में गलत पावर का आरोप लगा है। इस मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि मृतक व्यक्ति का नाम 2023 के बिजली बिल पर गलत तरीके से दर्ज किया गया है। इस दौरान उस व्यक्ति के नाम पर बिल में 3 हॉर्स पावर की जगह 5 हॉर्स पावर का कनेक्शन दिखाया गया, जिससे उपभोक्ता को अतिरिक्त राशि का बिल थमाया गया।
स्थानीय निवासी ने बताया कि वह हैरान रह गया जब उसे मृतक व्यक्ति के नाम पर बिजली बिल मिला। इस मामले की शिकायत करने पर विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जब इस विषय में बिजली विभाग के अभियंता (ईई) से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह तकनीकी त्रुटि हो सकती है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि गलती पाई गई तो उपभोक्ता को उचित राहत दी जाएगी।
वहीं, इस मामले ने लोगों के बीच बिजली विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऐसी गलतियां उनके लिए आर्थिक बोझ बन जाती हैं और विभाग को अपने रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं को बेहतर करना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली विभाग को तकनीकी सुधार के साथ-साथ अपने डाटा प्रबंधन में भी पारदर्शिता लानी चाहिए। पुराने रिकॉर्डों का सही रखरखाव और अपडेट न होना ऐसे विवादों को जन्म देता है।
इस मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
बिजली विभाग की ओर से कहा गया है कि वे इस मामले को प्राथमिकता पर देख रहे हैं और जल्द ही समाधान के साथ जनता को सूचित करेंगे।
इस घटना ने यह भी दिखाया है कि प्रशासनिक लापरवाही किस तरह जनता की समस्याओं को बढ़ा सकती है और विभागीय सुधारों की आवश्यकता को उजागर किया है।
अधिकांश उपभोक्ता इस मामले को लेकर विभाग की जवाबदेही और जवाबी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की गलतियों से बचा जा सके।
यह मामला बिजली विभाग के रिकॉर्ड के रखरखाव और उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता सुधारने की जरूरत को फिर से सामने लाया है।
