ईद-ए-मिलाद-उन-नबी 2025 पर रायपुर की इस्लाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी ने जुलूस, मिलाद शरीफ, सामाजिक व शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित कर भाईचारे और शांति का संदेश दिया।
राजधानी रायपुर में इस्लाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी ने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर भव्य और ऐतिहासिक जश्न का आयोजन किया। यह अवसर पैगंबर हजरत मुहम्मद (स.अ.व.) के 1500वें सालाना जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया गया। देशभर में यह पर्व 12 रबी-अल-अव्वल, 1447 हिजरी को बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस्लाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी, जो सामाजिक और धार्मिक कार्यों में लगातार योगदान देती रही है, ने इस बार भी सामुदायिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने वाले कई कार्यक्रम आयोजित किए। सोसाइटी के फाउंडर गुलाम शकील रज़ा ने कहा, “ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का दिन हमें हुजूर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को याद करने और उनके बताए रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।”

कार्यक्रमों की झलक
जुलूस-ए-मोहम्मदी का स्वागत
शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व.) की शिक्षाओं पर आधारित नारे और नातों की गूंज ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
मिलाद शरीफ और नातख्वानी
सोसाइटी और अकादमी में मिलाद शरीफ का आयोजन हुआ, जहां नातख्वानों ने पैगंबर साहब की शान में नातें पेश कीं। यह आयोजन सामुदायिक एकता का प्रतीक बना।
सामाजिक कार्य
जरूरतमंदों के लिए कपड़े और किताबें वितरित की गईं। यह कार्य पैगंबर साहब के दया और करुणा के संदेश को जीवंत करता है।
शैक्षिक कार्यक्रम
सोसाइटी द्वारा संचालित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अकादमी और हजरत फतेशाह एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में बच्चों के लिए क्विज और सेमिनार का आयोजन हुआ। यहां पैगंबर साहब की जीवनी और उनके आदर्शों पर चर्चा हुई।
सोसाइटी का संदेश
सोसाइटी के सचिव एडवोकेट सैय्यद दानिश अली ने कहा, “ईद-ए-मिलाद-उन-नबी सिर्फ उत्सव का दिन नहीं, बल्कि यह हमें पैगंबर साहब की शिक्षाओं को जीवन में उतारने की याद दिलाता है। उनकी जिंदगी दया, शांति और इंसानियत का संदेश देती है।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी मोइन भाई ने कहा, “इस बार मिलाद-उन-नबी का आयोजन बेहद संगठित और प्रेरणादायी रहा। सोसाइटी ने जुलूस और अन्य कार्यक्रमों को सम्मानजनक तरीके से संपन्न किया।”
अपील और शुभकामनाएं
सोसाइटी के फाउंडर हाजी अब्दुल करीम साहब सहित कई प्रमुख व्यक्तियों जैसे करीम खान साहब, शाहिद रज़ा, मोहम्मद रिज़वान खान, शादाद खान, साजिद अशरफी, नकीब भाई, सैय्यद एहतेशाम अली, जुबैर रिज़वी और अन्य ने सामूहिक रूप से सभी लोगों को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने अपील की कि इस दिन लोग एक-दूसरे के साथ भाईचारे, प्यार और शांति का संदेश साझा करें। सोसाइटी ने यह भी घोषणा की कि वह पूरे वर्ष सामाजिक और शैक्षिक कार्यों को और बढ़ावा देगी, ताकि पैगंबर साहब की शिक्षाएं आम जनता तक पहुंचाई जा सकें।
निष्कर्ष
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी 2025 ने राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का माहौल बनाया। इस्लाहे इख्वान वेलफेयर सोसाइटी का आयोजन सामूहिक भाईचारे का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।





अपनी प्रतिक्रिया दें