छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कार्यभार संभाला, पूजा-अर्चना के लिए दूधाधारी मंदिर गए, महंत राम सुंदर दास से आशीर्वाद लिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने आज अपने कार्यभार का औपचारिक संभाल किया। कार्यभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने रायपुर स्थित प्रसिद्ध दूधाधारी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और मंदिर के महंत राम सुंदर दास से आशीर्वाद लिया।
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इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाना और छात्रों तथा शिक्षकों की आवश्यकताओं को पूरी तरह से सुनिश्चित करना है। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना के दौरान कहा कि इस पवित्र स्थान का आशीर्वाद उन्हें शिक्षा विभाग के उद्देश्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पूरा करने में मार्गदर्शन देगा।
महंत राम सुंदर दास ने शिक्षा मंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज का मूलाधार है और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षक और प्रशासन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मंत्री यादव से कहा कि उनका प्रयास प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अवसर प्रदान करना होना चाहिए।
पूजा-अर्चना के बाद शिक्षा मंत्री सीधे अपने कार्यालय पहुंचे और सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिचय बैठक की। बैठक में उन्होंने शिक्षा विभाग की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया और प्राथमिकता के क्षेत्रों पर चर्चा की। मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सरकारी और निजी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए त्वरित कदम उठाएं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासेस, शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम उनकी प्राथमिकता में होंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण और तकनीकी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि प्रदेश के विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के सचिव, अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे विद्यार्थियों की समस्याओं और शिक्षकों की आवश्यकताओं को समयबद्ध तरीके से सुलझाएं और नई नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें।
मंत्री यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिक्षा केवल स्कूल तक सीमित नहीं है बल्कि यह समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बालिकाओं और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी ताकि सभी को समान अवसर मिल सकें।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें पढ़ाई के साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों का भी प्रशिक्षण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इस अवसर पर मंत्री यादव ने यह भी बताया कि जल्द ही विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रतिभा और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश के भविष्य की आधारशिला है और इसे मजबूत करना प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की जिम्मेदारी है।
