छत्तीसगढ़ में सहेली ज्वेलर्स के कई ठिकानों पर ED और CBI की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत जब्त किए।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज सुबह बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की संयुक्त टीम ने सहेली ज्वेलर्स के कई ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े रिकार्ड जब्त किए गए हैं।
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कार्रवाई सुबह 6 बजे शुरू हुई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई आज सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई। रायपुर सहित दुर्ग और बिलासपुर में स्थित सहेली ज्वेलर्स के शोरूम व ऑफिस पर एक साथ रेड डाली गई। टीमों ने पहले से ही स्थानीय पुलिस की मदद से परिसरों की घेराबंदी कर रखी थी।
संदिग्ध लेन-देन की जांच
सूत्रों के अनुसार, ED और CBI को सूचना मिली थी कि सहेली ज्वेलर्स की ओर से हाल के वर्षों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए हैं, जिनमें हवाला, टैक्स चोरी और शेल कंपनियों के ज़रिए निवेश जैसे मामले सामने आए हैं।
कर्मचारियों और मालिक से पूछताछ
छापेमारी के दौरान सहेली ज्वेलर्स के मालिक और प्रमुख कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। अधिकारियों ने कहा कि पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि क्या धनशोधन (Money Laundering) की प्रक्रिया में कंपनी की भूमिका रही है।
सीज किए गए दस्तावेज और हार्ड डिस्क
टीम ने मौके से कई सील पैक दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट्स, लैपटॉप, कंप्यूटर हार्ड ड्राइव और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनका विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लेनदेन की वास्तविकता क्या है।
आयकर विभाग से समन्वय
सूत्र बताते हैं कि आयकर विभाग (IT) भी इस पूरे प्रकरण में CBI और ED के साथ समन्वय बनाकर चल रहा है। संभव है कि आने वाले दिनों में टैक्स चोरी के दृष्टिकोण से भी विस्तृत जांच हो।
आम जनता की उत्सुकता
इस बड़ी कार्रवाई से शहरवासियों में खलबली मच गई। सहेली ज्वेलर्स, जो कि स्थानीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित नाम माना जाता है, उस पर अचानक हुई छापेमारी से लोग स्तब्ध हैं। शोरूम के बाहर भीड़ लग गई और अफवाहों का बाजार गर्म हो गया।
राजनीतिक जुड़ाव की भी जांच
हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चा है कि सहेली ज्वेलर्स का कुछ राजनीतिक नेताओं से भी संबंध रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इन लेनदेन में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप तो नहीं है।
आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा
अब तक ED और CBI की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
🚨 निष्कर्ष:
यह छापेमारी छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराधों के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान का हिस्सा है। सहेली ज्वेलर्स के मामले में आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह प्रदेश में सबसे बड़ी ज्वेलरी मनी लॉन्ड्रिंग केस बन सकता है।





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