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दुर्ग सरकारी स्कूल में तंत्र विद्या, कोयल बलि से

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 September 2025

दुर्ग जिले के सरकारी स्कूल में असामाजिक तत्वों ने तंत्र विद्या के तहत कोयल की बलि दी। बच्चों और स्टाफ में दहशत, डीईओ ने दर्ज कराई शिकायत।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के बोरसी स्थित एक शासकीय स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों ने तंत्र विद्या का सहारा लेते हुए कोयल की बलि दी। यह घटना सामने आते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे और स्टाफ भयभीत हो गए और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

घटना कैसे सामने आई?

मामला बोरसी के एक शासकीय स्कूल का है। जानकारी के अनुसार, सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्होंने परिसर में असामान्य दृश्य देखा। वहां पर तंत्र विद्या से जुड़े चिन्ह, सामग्री और एक कोयल का शव पड़ा हुआ था। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और लोग स्कूल पहुंचने लगे।

स्टाफ और बच्चों में डर का माहौल

स्कूल के शिक्षकों और बच्चों के बीच इस घटना से दहशत फैल गई है। स्टाफ का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल माहौल खराब करती हैं, बल्कि बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है।

शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान

जैसे ही घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अरविंद मिश्रा को हुई, उन्होंने तुरंत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के माध्यम से थाने में शिकायत दर्ज कराई। विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस जांच जारी

थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना देर रात को हुई होगी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बने स्कूल को अशुभ गतिविधियों का अड्डा बनाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने की तैयारी

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने का निर्णय लिया है। डीईओ ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर कदम उठाया जाएगा।

शिक्षा और अंधविश्वास का टकराव

यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और शिक्षा के बीच संघर्ष को उजागर करती है। जहां एक ओर स्कूल बच्चों को शिक्षा और ज्ञान का वातावरण प्रदान करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं।


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