जशपुरनगर में पंचायतों में उमड़ी भीड़, ‘जी-राम-जी’ योजना पर विशेष चर्चा हुई। ग्रामीण विकास, आजीविका, आधारभूत सुविधाएं और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया गया।
जशपुरनगर। जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों में भारी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ‘जी-राम-जी’ योजना को लेकर विशेष चर्चा की गई और लोगों को योजना के उद्देश्यों, लाभों और पात्रता की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं रखीं। अधिकारियों ने बताया कि ‘जी-राम-जी’ योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, आजीविका के साधनों का विस्तार और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि योजना के अंतर्गत स्वच्छता, पेयजल, ग्रामीण सड़क, आवास, स्वरोजगार, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर विशेष फोकस किया जाएगा। पंचायतों को इस योजना के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका दी गई है, ताकि विकास कार्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार तय किए जा सकें।
अधिकारियों ने कहा कि अब विकास योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर सीधे जनता से संवाद के माध्यम से जमीन पर उतारने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। ‘जी-राम-जी’ योजना के तहत पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर उसे जिला स्तर पर समन्वय के साथ लागू किया जाएगा।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी गई कि योजना के अंतर्गत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने और किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही गांवों में आधारभूत संरचना जैसे सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर रहेगा।
ग्रामीणों ने जनसैलाब के रूप में पहुंचकर यह संदेश दिया कि वे अपने गांवों के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार हैं। कई पंचायतों से आए ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि योजनाओं की जानकारी समय-समय पर गांवों में शिविर लगाकर दी जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ‘जी-राम-जी’ योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में बदलाव लाने का प्रयास है। यदि पंचायत और ग्रामीण मिलकर काम करें, तो जशपुर जिले के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे योजना से जुड़ी जानकारी को गांव के हर परिवार तक पहुंचाएं और पंचायत बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लेकर विकास कार्यों की निगरानी भी करें।
