रायपुर में लाल ईंट भट्टों पर रोक और कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर नवनीत नंदे के नेतृत्व में जिला खनिज विभाग को ज्ञापन सौंपा गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज लाल ईंट निर्माण हेतु संचालित भट्टों पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
यह ज्ञापन नवनीत नंदे (जिला अध्यक्ष) के नेतृत्व में जिला कलेक्टर कार्यालय, रायपुर में जिला खनिज विभाग रायपुर को सौंपा गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि क्षेत्र में संचालित लाल ईंट भट्टों द्वारा पर्यावरणीय मानकों एवं वैधानिक नियमों की संभावित अनदेखी की जा रही है। इस कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि लाल ईंट निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कई भट्टे आवश्यक अनुमति, पर्यावरण स्वीकृति और नियमों के अनुरूप संचालन के बिना चलाए जा रहे हैं। ईंट भट्टों से निकलने वाला धुआं आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ा रहा है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
साथ ही लाल ईंट निर्माण के लिए मिट्टी के अत्यधिक उत्खनन से कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंच रहा है। इससे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। जांच के दौरान यह भी देखा जाए कि किन-किन भट्टों के पास वैध अनुमति है और कौन से भट्टे नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे हैं। दोषी पाए जाने वाले संचालकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम और पर्यावरण कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके।
जनहित को प्राथमिकता देने की अपील
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अपेक्षा की गई कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पर्यावरणीय असंतुलन और स्वास्थ्य संकट और गंभीर हो सकता है।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य रूप से
शिव कुमार शर्मा,
नरेंद्र सिंह ठाकुर,
विकास दास मानिकपुरी
तथा
सनोज दास
उपस्थित रहे।
सभी ने एकमत से कहा कि अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टे न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि पर्यावरण और समाज दोनों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि रायपुर को प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित शहर बनाने के लिए ऐसे मामलों पर सख्ती जरूरी है।





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