अधिकमास के कारण 13 महीने का साल, सभी त्योहार 18-20 दिन देरी से, 17 मई से शुरू होगा अधिकमास, दिवाली भी आगे खिसकी
रायपुर। इस वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार साल 13 महीनों का रहेगा, जिसके चलते सभी प्रमुख पर्व लगभग 18 से 20 दिन देरी से मनाए जाएंगे। इसकी मुख्य वजह 17 मई से शुरू होने वाला अधिकमास (अधिमास) है, जिसे धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यदि अधिकमास नहीं आता तो इस वर्ष दीवाली जैसे प्रमुख पर्व अप्रैल महीने में ही आ सकते थे।
क्या है अधिकमास
अधिकमास को ‘मलमास’ भी कहा जाता है, जो लगभग हर तीन साल में एक बार आता है।
यह तब होता है जब:
- सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच अंतर बढ़ जाता है
- इस अंतर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है
इस वर्ष यह अधिकमास 17 मई से शुरू होगा। 📅
13 महीने का होगा साल
अधिकमास के कारण:
- इस साल कुल 13 महीने होंगे
- सभी पर्वों की तिथियां आगे खिसक जाएंगी
18-20 दिन की देरी
धार्मिक पंचांग के अनुसार:
- हर प्रमुख पर्व 18 से 20 दिन देरी से आएगा
- त्योहारों की पारंपरिक तिथियों में बदलाव होगा
दिवाली अप्रैल में आती!
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- यदि अधिकमास नहीं होता
- तो दीवाली अप्रैल में मनाई जा सकती थी
यह खगोलीय गणना और पंचांग के संतुलन से जुड़ा विषय है।
धार्मिक महत्व
अधिकमास को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दौरान:
- पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व
- विवाह और शुभ कार्य सामान्यतः टाले जाते हैं
श्रद्धालुओं में उत्साह
हालांकि पर्वों में देरी होगी, लेकिन अधिकमास के कारण धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।
पंचांग के अनुसार बदलाव
पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार:
- सभी पर्वों की नई तिथियां पंचांग के अनुसार तय होंगी
- लोगों को नई तिथियों के अनुसार तैयारी करनी होगी
वैज्ञानिक और धार्मिक संतुलन
अधिकमास खगोलीय और धार्मिक गणनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
निष्कर्ष
इस वर्ष अधिकमास के कारण त्योहारों की तिथियों में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि पर्व देरी से आएंगे, लेकिन इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
