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माघ पूर्णिमा पर त्रिवेणी संगम में उमड़ा श्रद्धालुओं का

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 2 February 2026

माघ पूर्णिमा पर राजिम त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, दूर-दराज से आए भक्तों ने संगम स्नान कर राजीवलोचन दर्शन किए।

गरियाबंद। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गरियाबंद जिले के राजिम स्थित त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। गंगा समान महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र संगम तट पर सुबह से ही स्नान और पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते रहे। पूरे क्षेत्र में हर-हर गंगे और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

माघ पूर्णिमा को राजिम कुंभ कल्प के प्रमुख स्नान पर्वों में से एक माना जाता है। इसी कारण छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पहुंचे।

ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान

श्रद्धालुओं ने तड़के ब्रह्म मुहूर्त में संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान राजीवलोचन के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु

राजिम, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, धमतरी और अन्य जिलों के अलावा ओडिशा और मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचे। संगम क्षेत्र में हर उम्र के लोग आस्था के साथ स्नान करते नजर आए।

श्रद्धालुओं का कहना है कि त्रिवेणी संगम में स्नान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संगम घाटों पर पुलिस बल, होमगार्ड और गोताखोरों की तैनाती की गई थी।

साथ ही चिकित्सा दल, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की भी विशेष व्यवस्था की गई।

यातायात और पार्किंग की रही व्यवस्था

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था को अलग-अलग मार्गों पर डायवर्ट किया गया था। वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थल बनाए गए थे, जिससे मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।

प्रशासन की टीम लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए रही।

साधु-संतों ने भी किया स्नान

माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संतों और अखाड़ों से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी संगम में स्नान किया। घाटों पर मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे।

संतों ने इस पर्व के महत्व पर प्रवचन भी दिए।

बाजार और मेले में रही रौनक

स्नान पर्व के चलते राजिम क्षेत्र में अस्थायी बाजार और मेला भी सजा रहा। पूजा सामग्री, प्रसाद, फूल-माला और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर दिनभर भीड़ नजर आई।

स्थानीय व्यापारियों के लिए यह पर्व आर्थिक रूप से भी लाभकारी रहा।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह और श्रद्धा

पूरे दिन संगम तट पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। परिवार के साथ पहुंचे लोग पूजा-अर्चना कर आस्था में डूबे नजर आए।

श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की।

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