रायपुर में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के घर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 25 से अधिक पुलिसकर्मी छापेमारी में शामिल रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह एक बड़ी पुलिस कार्रवाई ने सनसनी फैला दी, जब क्राइम ब्रांच ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के घर छापा मारा। इस छापेमारी में रायपुर क्राइम ब्रांच के साथ-साथ लोकल पुलिस की भी टीमें शामिल रहीं और कुल मिलाकर 25 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।
कार्रवाई शहर के सड्डू इलाके में स्थित रोहित तोमर के आवास पर की गई। बताया जा रहा है कि यह छापा एक बड़े आपराधिक नेटवर्क और चल रही आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामले में मारा गया है।
Read it loud
कौन है रोहित तोमर?
रोहित तोमर रायपुर के अपराध जगत का एक जाना-पहचाना नाम है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर गंभीर आपराधिक मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या की कोशिश, जमीन पर अवैध कब्जा, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, मारपीट और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, रोहित तोमर का संपर्क रायपुर के बाहर के कुछ संगठित गिरोहों से भी है। वह न सिर्फ खुद आपराधिक गतिविधियों में शामिल है, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी अपराध की ओर धकेलने का काम करता रहा है।
छापेमारी की रणनीति
बुधवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस टीमों ने सड्डू इलाके को चारों ओर से घेर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई के चलते क्षेत्र में हलचल मच गई। पुलिस अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट और हथियारों से लैस थे। किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं दी गई।
छापेमारी के दौरान घर के हर कमरे, दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली गई। पुलिस ने कुछ दस्तावेज, मोबाइल फोन, सीसीटीवी डीवीआर और लैपटॉप ज़ब्त किए हैं। इसके साथ ही कुछ संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है।
गिरफ्तारी नहीं, लेकिन निगरानी तेज
हालांकि, इस छापेमारी के दौरान रोहित तोमर को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि उसकी गतिविधियों पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यदि छानबीन के बाद पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो उसे जल्द हिरासत में लिया जा सकता है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, “यह छापा एक सतर्कता अभियान के तहत मारा गया है, ताकि संभावित संगठित अपराधों और आर्थिक अपराधों को समय रहते रोका जा सके।”
पड़ोसियों में दहशत का माहौल
इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि रोहित तोमर का घर अक्सर बाहरी लोगों से भरा रहता था और देर रात तक अज्ञात व्यक्तियों की आवाजाही रहती थी। कई बार स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई अब जाकर हुई है।
एक निवासी ने बताया, “हम हमेशा डर में रहते थे कि कब क्या हो जाए। पुलिस की कार्रवाई से अब थोड़ा सुकून मिला है, लेकिन डर अभी भी है।”
पुराने मामलों की दोबारा जांच
क्राइम ब्रांच अब रोहित तोमर के पुराने मामलों को फिर से खंगाल रही है। इसमें उन मामलों को दोबारा खोला जा रहा है जिनमें वह या तो जमानत पर बाहर है या फिर जांच अधूरी रही थी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रोहित तोमर किसी आर्थिक घोटाले या हवाला नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
कुछ अफसरों का कहना है कि उसके पास से मिली डिजिटल डिवाइसेस की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे उसकी आर्थिक गतिविधियों, संपत्ति के स्रोत और नेटवर्क की जानकारी हासिल की जा सके।
अपराध पर सख्ती का संकेत
यह कार्रवाई रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की ओर से अपराधियों को सख्त संदेश है। बीते कुछ महीनों में रायपुर में आपराधिक घटनाओं में तेजी आई है, जिसके चलते पुलिस ने ऐसे बदमाशों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है।
विशेष रूप से उन हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है, जिनके खिलाफ पहले से केस दर्ज हैं लेकिन वे खुलेआम घूमते रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में कहा, “अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
आगे की कार्रवाई की तैयारी
फिलहाल, रोहित तोमर को लेकर पुलिस बेहद सतर्क है। उसका मोबाइल डेटा, बैंकिंग लेन-देन और सीसीटीवी फुटेज की गहराई से जांच की जा रही है। इसके अलावा उसके संपर्कों और सहयोगियों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि इस छापेमारी से जुड़े कई राज़ जल्द सामने आ सकते हैं, जिससे रायपुर शहर में चल रहे संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
