अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0 की तैयारी तेज की। सीएम साय से मुलाकात, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में रक्तदान शिविर लगेंगे।
रायपुर। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (ABTYP) ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल साय से सौजन्य मुलाकात कर आगामी “रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0” के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान परिषद ने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एक साथ रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे, ताकि राज्य के अस्पतालों और ब्लड बैंकों में रक्त की कमी को दूर किया जा सके।
परिषद के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि समाज सेवा और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए संगठन ने इस बार महोत्सव को और व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत न केवल रायपुर बल्कि बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, कोरबा, धमतरी, कांकेर, जांजगीर-चांपा सहित राज्य के हर जिले में एक ही दिन विशेष रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और समर्थन
मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान एक ऐसा दान है जिससे किसी का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने तेरापंथ युवक परिषद को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक मदद सुनिश्चित की जाए।
सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लेकिन रक्त की उपलब्धता जैसी चुनौतियों में ऐसे सामाजिक संगठनों का योगदान अमूल्य है।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की भूमिका
ABTYP देशभर में विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यों के लिए जाना जाता है। रक्तदान अमृत महोत्सव का यह दूसरा संस्करण है, जिसे 2.0 नाम दिया गया है। पहले संस्करण को पूरे देश में सराहना मिली थी और हजारों यूनिट रक्त संग्रहित हुआ था।
इस बार परिषद का लक्ष्य और भी ऊंचा रखा गया है। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि वे एक दिन में रिकॉर्ड रक्तदान शिविरों का आयोजन कर छत्तीसगढ़ को देश में नई पहचान दिलाना चाहते हैं।
जिलेवार रक्तदान शिविर की तैयारी
परिषद ने पहले से ही जिला स्तर पर अपनी शाखाओं और स्वयंसेवकों को सक्रिय कर दिया है। प्रत्येक जिले में स्थानीय प्रशासन, अस्पताल और ब्लड बैंक के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
रक्तदान शिविरों में मेडिकल टीम, डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क परामर्श और प्रमाणपत्र वितरण जैसी व्यवस्थाएँ भी रहेंगी।
युवाओं में उत्साह
तेरापंथ युवक परिषद हमेशा से ही युवाओं के बीच समाज सेवा की भावना को प्रोत्साहित करता रहा है। परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस बार महोत्सव में युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कई कॉलेज और विश्वविद्यालयों ने भी इसमें सहयोग का आश्वासन दिया है।
समाज को संदेश
रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0 केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक जागरूकता अभियान भी बनेगा। परिषद का उद्देश्य है कि हर नागरिक साल में कम से कम एक बार रक्तदान को अपनी जिम्मेदारी समझे।
विशेषज्ञों का कहना है कि रक्तदान से न केवल दूसरों का जीवन बचता है बल्कि दानदाता का स्वास्थ्य भी लाभान्वित होता है। यह एक प्रकार का स्वास्थ्यवर्धक अभ्यास माना जाता है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात का महत्व
CM से मुलाकात का उद्देश्य केवल सहयोग प्राप्त करना नहीं था, बल्कि पूरे राज्य में इस अभियान को एक सरकारी मान्यता और समर्थन के साथ आगे बढ़ाना भी था। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात को सकारात्मक रूप से लिया और कहा कि राज्य सरकार ऐसे हर प्रयास के साथ खड़ी है, जिससे आम जनता का कल्याण होता है।
निष्कर्ष
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का यह प्रयास समाज सेवा की एक नई मिसाल है। छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्य में एक साथ सभी जिलों में रक्तदान शिविर आयोजित करना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायी कदम है।
यदि यह आयोजन सफल रहता है, तो न केवल हजारों लोगों का जीवन सुरक्षित होगा बल्कि छत्तीसगढ़ रक्तदान के क्षेत्र में देश को एक नई दिशा देगा।
