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निगम की ऑनलाइन प्रॉपर्टी व्यवस्था ठप पड़ी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 20 December 2025

रायपुर नगर निगम की प्रॉपर्टी ऑनलाइन योजना ठप, 1400 दुकानों के दस्तावेज अपडेट नहीं, दुकानदार परेशान, निगम के राजस्व और पारदर्शिता पर पड़ रहा असर।

रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम की प्रॉपर्टी को ऑनलाइन करने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल ठप पड़ी हुई है। स्थिति यह है कि निगम के अधीन आने वाली करीब 1400 दुकानों के दस्तावेज अब तक अपडेट नहीं हो पाए हैं, जिससे न केवल निगम के राजस्व पर असर पड़ रहा है, बल्कि दुकानदारों को भी रोजमर्रा के कामों में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

नगर निगम द्वारा वर्षों पहले यह निर्णय लिया गया था कि सभी दुकानों, भवनों और व्यावसायिक परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और किराया वसूली को आसान बनाना था। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि तकनीकी खामियों, विभागीय लापरवाही और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण यह काम अधर में लटका हुआ है।

दुकानदारों की बढ़ी मुश्किलें

दस्तावेज ऑनलाइन न होने के कारण दुकानदार न तो समय पर नवीनीकरण कर पा रहे हैं और न ही बैंक, बिजली कनेक्शन या अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए जरूरी प्रमाण आसानी से उपलब्ध हो पा रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि निगम के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।

राजस्व पर भी असर

अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट न होने से किराया निर्धारण, बकाया राशि की गणना और वसूली प्रभावित हो रही है। इससे निगम को हर महीने लाखों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हो रहा है। पार्षदों ने भी इस मुद्दे को निगम की बैठकों में उठाया है।

निगम प्रशासन की सफाई

निगम अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी एजेंसी से जुड़ी समस्याओं और पुराने रिकॉर्ड के सत्यापन में समय लग रहा है। जल्द ही दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर लंबित दुकानों को ऑनलाइन किया जाएगा।

भविष्य की योजना

नगर निगम ने दावा किया है कि आने वाले महीनों में एक नई समयसीमा तय कर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। ताकि न केवल दुकानदारों को राहत मिले, बल्कि निगम की संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी और ऑनलाइन हो सके।

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