हाफ बिजली बिल योजना में कटौती के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CSEB मुख्यालय के सामने जबरदस्त प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा “हाफ बिजली बिल योजना” में की गई कटौती के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी रायपुर स्थित CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जनविरोधी नीतियों की आलोचना की और इस योजना को पुनः बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं ने किया
इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने किया, जिनमें पूर्व मंत्री, विधायक और जिला अध्यक्ष प्रमुख रूप से शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय उनके ऊपर आर्थिक बोझ डाल रही है।
पूर्व मंत्री चरणदास महंत ने कहा, “यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत थी, जिसे बंद कर देना असंवेदनशील निर्णय है। सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और योजना को बहाल करना चाहिए।”
हाफ बिजली बिल योजना क्या थी?
हाफ बिजली बिल योजना कांग्रेस सरकार के दौरान लागू की गई थी, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को उनके मासिक बिजली बिल पर 50 प्रतिशत तक की राहत मिलती थी। इस योजना का लाभ लाखों परिवारों को मिल रहा था, जिससे उनकी मासिक आर्थिक स्थिति को सहारा मिलता था।
प्रदर्शन में महिलाएं और युवा भी शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने सरकार के इस फैसले को गरीब विरोधी बताया। प्रदर्शन स्थल पर बैनर, पोस्टर और तख्तियां लहराते हुए कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए –
“गरीबों की जेब खाली मत करो, हाफ बिजली योजना चालू करो!”
पुलिस बल की तैनाती
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने CSEB मुख्यालय के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की थी। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की झड़प की खबर नहीं आई।
सरकार का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से बिजली विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि हाफ बिजली बिल योजना पर पुनर्विचार चल रहा है। वर्तमान में आर्थिक संसाधनों की स्थिति को देखते हुए कुछ योजनाओं में बदलाव किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाएगा।
कांग्रेस का ऐलान – आगे और होगा आंदोलन
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि यदि सरकार ने योजना को पुनः लागू नहीं किया, तो प्रदेश भर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। प्रत्येक जिले और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, “हम जनता के हितों से समझौता नहीं करेंगे। यह योजना राज्य के गरीबों की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए थी। इसे हटाना जनविरोधी कदम है।”
आम जनता की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर आम जनता की भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। स्थानीय निवासी राकेश वर्मा ने कहा, “हाफ बिजली बिल योजना से हर महीने 300-400 रुपये की बचत होती थी। अब पूरा बिल भरना मुश्किल हो रहा है।”
महिला गृहिणी पुष्पा देवांगन ने कहा, “सरकार से निवेदन है कि हमारी आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस योजना को दोबारा शुरू करें।”
विपक्ष का बयान
भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन को केवल ‘राजनीतिक नौटंकी’ बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “जब राज्य सरकार में कांग्रेस थी, तब उन्होंने केवल घोषणाएं कीं, जमीनी काम कुछ नहीं किया। अब वे विपक्ष में हैं तो सस्ती राजनीति कर रहे हैं।”
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे आम जनता से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं सरकार अपने वित्तीय संसाधनों का हवाला दे रही है। देखना यह होगा कि जनता की मांगों और राजनीतिक दबाव के बीच सरकार क्या निर्णय लेती है।
