मनरेगा संशोधन के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा कदम, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर ग्राम सभाओं में जाकर ग्रामीणों को जागरूक करेगी पार्टी।
रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने मनरेगा संशोधन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता सीधे ग्राम सभाओं में जाकर ग्रामीणों को संशोधनों की जानकारी देंगे और इसके विरोध में जनमत तैयार करेंगे।
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का सबसे मजबूत आधार है। इसमें किए जा रहे संशोधन गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल उद्देश्य—रोजगार की गारंटी और ग्रामीणों की आर्थिक सुरक्षा—को खत्म करना चाहती है।
दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करेगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित कर ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों, मनरेगा मजदूरों और स्व-सहायता समूहों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि संशोधनों के बाद काम के दिन घटने, मजदूरी भुगतान में देरी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम तय करने के अधिकार पर असर पड़ेगा। इससे ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ेगी और पलायन को मजबूती मिलेगी। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने संशोधन वापस नहीं लिया, तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
पीसीसी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से मजदूरों, किसानों और ग्रामीण वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी पूरी मजबूती से संघर्ष जारी रहेगा। आगामी दिनों में कांग्रेस द्वारा धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
