छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर सख्ती, 11 जिलों के कलेक्टर जिम्मेदार, खनिज सचिव ने निगरानी और कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए
रायपुर। राज्य में बढ़ते अवैध रेत खनन और परिवहन को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। खनिज विभाग के सचिव ने 11 जिलों के कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उनके क्षेत्र में अवैध रेत खनन या परिवहन की स्थिति में संबंधित कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे।
यह आदेश राज्य में खनिज संसाधनों के संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
11 जिलों को जारी निर्देश
खनिज सचिव द्वारा जारी आदेश में 11 जिलों के प्रशासन को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
- अवैध खनन पर तुरंत कार्रवाई
- रेत के अवैध परिवहन पर रोक
- नियमित निरीक्षण और निगरानी
कलेक्टर की तय होगी जवाबदेही
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे
- कार्रवाई में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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अवैध खनन पर रोक लगाने की पहल
राज्य में लंबे समय से अवैध रेत खनन एक गंभीर समस्या बना हुआ है, जिससे:
- पर्यावरण को नुकसान
- राजस्व की हानि
- कानून व्यवस्था प्रभावित
सख्त निगरानी के निर्देश
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि:
- पुलिस और खनिज विभाग के साथ समन्वय बनाएं
- चेक पोस्ट और निगरानी बढ़ाएं
- संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें
तकनीकी साधनों का उपयोग
अवैध खनन पर रोक के लिए:
- जीपीएस ट्रैकिंग
- सीसीटीवी निगरानी
- ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम
जैसे उपायों को अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
प्रशासन में बढ़ी सतर्कता
इस आदेश के बाद संबंधित जिलों के अधिकारियों में सतर्कता बढ़ गई है और वे लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनता की भी भूमिका
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अवैध खनन की सूचना दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार का यह कदम कड़ा और प्रभावी माना जा रहा है। कलेक्टरों की जवाबदेही तय होने से कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
